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Articles By Bhisma Kukreti - श्री भीष्म कुकरेती जी के लेख

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, July 26, 2009, 12:54:53 PM

Bhishma Kukreti

]सुगंध चिकित्सा बाजार का उज्वल भविष्य 

Bright Future of Aromatherapy Market


[/b]चिकित्सा पर्यटन विकास हेतु गंध चिकित्सा विकास -3
Aromatherapy for Medical Tourism Development -3


उत्तराखंड में चिकत्सा पर्यटन  रणनीति - 256

Medical Tourism development Strategies -256 

उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना - 377

Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -377 



आलेख -      विपणन आचार्य   भीष्म कुकरेती

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अरोमाथैरेपी से चिकित्सा लाभ जन जाग्रति के कारण सुगंध चिकित्सा बाजार दिन प्रतिदिन प्रगति कर रहा है साथ साथ में ऐरोमाथिरैपी में प्रयोग होने वाले उपकरणों का बजार भी प्रगति पथ पर है।
पी ऐंड ऐस रिसर्च संस्थान की एक रिपोर्ट अनुसार जागतिक ऐरोमाथिरैपी बाजार सन 2017 में US$ 1. 7 बिलियन्स का था और ग्रैंड व्यू रिसर्च कम्पनी अनुसार यह मार्किट  बढ़कर 2025 में US $ 2 . 35 बिलियन्स तक पंहुच जायेगा।
सुगंध चिकित्सा प्रगति के मुख्य चालक या कारण -
उपभोक्ताओं की आय वृद्धि व विभिन्न माध्यमों के प्रवेश से प्राकृतिक चिकित्सा प्रति जन जागरण
2016 में प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जान जागरण के कारण सुगंध चिकित्सा में संतुलित नहीं अच्छी प्रगति हुयी
इसी तरह सुगंध  चिकित्सा उपकरण बिक्री में भी अच्छी खासी प्रगति हुयी
तनाव व दबाब दूर करने हेतु  प्राकृतिक तैल चिकित्सा की भागीदारी सबसे अधिक रही और भविष्य में भी तनाव दूर करने , आराम प्राप्ति हेतु प्राकृतिक तैल /सुगंध का उपयोग बढ़ेगा।
त्वचा (क्रीम्स आदि ) व केश  सुरक्षा हेतु भी तैल या सुगंध चिकित्सा वृद्धि कारक है और भविष्य उज्वल है।
बाल /चिल्ड्रन चिकित्सा व गर्भवती महिला चिकित्सा में प्राकृतिक चिकित्सा वृद्धि भी तैल चिकित्सा वृद्धि कारक है
इसी तरह सामन्य स्पा या आयुर्वेद स्पाओँ में प्राकृतिक तैल से मालिश के महत्व ने ऐरोमाथिरैपी बजार बढ़ाया
प्रत्येक भौगोलिक क्षेत्र में बाबा रामदेव जैसे विपणनकर्ताओं के बजार में आने से भी ऐरोमाथिरैपी को बल मिला है। जब कोलगेट सरीखे आयुर्वेद व परम्परा विरोधी ब्रैंड को हर्बल टूथ पेस्ट में उतरना पड़े तो समझ लीजिये प्राकृतिक चिकित्सा में क्रान्ति आने के अवसर बढ़ गए हैं। 
आयुर्वेद औषधि उपयोग वृद्धि - बहुत सी औषधियों में तैल अवयव होने के कारण भी बजार बढ़ा है।
प्राकृतिक केश तैल उपयोग में रचनाधर्मिता के आने से भी प्राकृतिक केश तैल बजार बढ़ा है
भारत जैसे देश में मसलों में तैल उपयोग वृद्धि भी एक कारण है क्योंकि भारत उप महाद्वीप में मसालों की छवि  औषधि रूप में प्राचीन काल से ही है यह छवि अन्य क्षेत्रों में भी फ़ैल रही है।



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Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in Garhwal , Uttarakhand ;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in Chamoli Garhwal , Uttarakhand;   Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in  Rudraprayag Garhwal , Uttarakhand;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in   Pauri Garhwal , Uttarakhand;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in   Tehri Garhwal , Uttarakhand;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in  Uttarkashi  Garhwal , Uttarakhand;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in   Dehradun Garhwal , Uttarakhand;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in    Haridwar Garhwal , Uttarakhand;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in  Pithoragarh  Kumaon , Uttarakhand;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in Champawat    Kumaon , Uttarakhand;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in   Almora Kumaon , Uttarakhand;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in Nainital   Kumaon , Uttarakhand;  Future Trends of Aromatherapy for Medical Tourism development in  Udham Singh Nagar  Kumaon , Uttarakhand;

पौड़ी गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य ; उधम सिंह नगर कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य ;  चमोली गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य  ; नैनीताल कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य ;  रुद्रप्रयाग गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य ; अल्मोड़ा कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य  ; टिहरी   गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य ; चम्पावत कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य ;  उत्तरकाशी गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य ; पिथौरागढ़ कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास;  देहरादून गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य ; रानीखेत कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास; हरिद्वार  गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य ; डीडीहाट  कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य ;   नैनीताल  कुमाऊं मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु  ऐरोमाथिरैपी बाजार भविष्य :

Bhishma Kukreti

हरिद्वार ,बिजनौर, सहरानपुर इतिहास और  पौरव राजवंश  (647 से 725 लगभग तक )

Paurava Dynasty of Parvatakar  and History of   Haridwar , Bijnor  , Sahranpur
हर्षवर्धन पश्चात बिजनौर , हरिद्वार , सहारनपुर का 'अंध युग' अर्थात तिमर युग  इतिहास- 7

Dark  Age of History of Haridwar, Bijnor , Saharanpur after Harsha Vardhan death -7

Ancient  History of Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History  Part  -  284                   
                           
    हरिद्वार इतिहास ,  बिजनौर  इतिहास , सहारनपुर   इतिहास  -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग -  284               


                  इतिहास विद्यार्थी :::  भीष्म कुकरेती 
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  द्युतिवर्मन के शासन (ताम्रपत्र आदेश ) राजमुद्रा में द्युतिवर्मन वंश का संबंध सोम वंश बताया गया है।  मुद्रा में उल्लेख है -  सोम  दिवाकरान्वयो गोटरब्राह्म्णहितैषी।  विष्णुवर्मन   द्वितीय के राजयमुद्रा में भी ' सोमदिवाकरप्रांगशु -बंश -वेश्मप्रदीपः  उल्लेख है (2  )
  द्युतिवर्मन की राजमुद्रा में उसके पिता  श्रीअग्निवर्मन को पौरव राजवंश में उत्पन व वंश संस्थापक पुरुरवा वंशज बतलाया गया है (1 )
    महाभारत के अनुशासन प्रव 147 /26 में पुरुरवा की माता व पिता का सत्य , चंद्र वंश से संबंध बतलाया गया है। 

सन्दर्भ :

1- Dabral, Shiv Prasad, (1960), Uttarakhand ka Itihas Bhag- 3, Veer Gatha Press, Garhwal, India page 412
2 -एपिग्राफिया इंडिका vol . 13 पृष्ठ 113


Copyright@  Bhishma Kukreti , 2018

Paurava Dynasty , History of Haridwar; Paurava Dynasty , History of  Kankhal , Haridwar; Paurava Dynasty , History of Jwalapur , Haridwar; Paurava Dynasty , History  of  Rurki Haridwar; Paurava Dynasty , History  of Haridwar; Paurava Dynasty , History  of Laksar , Haridwar; Paurava Dynasty , History  of  Saharanpur; Paurava Dynasty , History of  Behat , Saharanpur; Paurava Dynasty , History  of  Saharanpur; Paurava Dynasty , History  of Nakur,  SaharanpurPaurava Dynasty , History of  Devband , Saharanpur; Paurava Dynasty , History of  Bijnor ; Paurava Dynasty , History  of  Bijnor ; Paurava Dynasty , History  of  Nazibabad , BijnorPaurava Dynasty , History of  Bijnor; Paurava Dynasty , History  of Nagina  Bijnor ; Paurava Dynasty , History  of  Dhampur , Bijnor ; Paurava Dynasty , History of  Chandpur Bijnor ; 
कनखल , हरिद्वार इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ; ज्वालापुर हरिद्वार इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;रुड़की , हरिद्वार इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;लक्सर हरिद्वार इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;मंगलौर , हरिद्वार इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ; बहादुर जुट , हरिद्वार इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;
सहरानपुर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;देवबंद , सहरानपुर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;बेहट , रामपुर , सहरानपुर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;बाड़शाह गढ़ , सहरानपुर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ; नकुर , सहरानपुर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;
बिजनौर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ; धामपुर , बिजनौर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;   नजीबाबाद ,  बिजनौर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;   नगीना ,  बिजनौर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;   चांदपुर ,  बिजनौर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ;  सेउहारा  बिजनौर इतिहास में पौरव राजवंश महत्व ; 



Bhishma Kukreti

गंध चिकित्सा की मुख्य विधियां

Methods for Aromatherapy Application
चिकित्सा पर्यटन विकास हेतु गंध चिकित्सा विकास -4
Aromatherapy for Medical Tourism Development -4


उत्तराखंड में चिकत्सा पर्यटन  रणनीति - 257

Medical Tourism development Strategies -257 

उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना - 378

Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -378 



आलेख -      विपणन आचार्य   भीष्म कुकरेती

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गंध चिकित्सा की मुख्य निम्न विधियां हैं -
        इत्र
तेल को या तो अल्कोहोल , पानी में मिलाकर या कमरे में फैलाकर प्रयोग होता है या कपड़ों में लगाकर
  रुमाल या टिस्यू पेपर
तेल को रुमाल या टिस्यू परपर पर लगाकर
भाप
तेल या गंध उत्पादन करने वाले वस्तु को गरम  पानी या गरम कोयले में रखा जाता है जैसे भट्ट , बसिंगा बीज आदि
तेल मालिस
तेल व अन्य औषधि से मालिस करना
जलयुक्त गंध चिकित्सा विधियां
जल में तेल मिलाकर स्नान
जल स्रोत्र में तेल मिलाकर स्नान
तेलयुक्त जल में हस्त स्नान /सिकाई
तेलयुक्त जल में पद स्नान /सिकाई
कमरा  माध्यम में
कोठरी में तेल या तेल अवयव बीज , जड़, पत्ती, डंठल , तना     आदि धुंआ ,दिवळ छिल जलाकर। मछरों को भगाने हेतु कड़ी पत्ता या डैन्कण , नीम पत्ती  जलाकर धुंवा , गुपळ -उपले जलाकर कीड़े या , शाहू /सौलू , बाग़ , सांप , चूहे भगाना भी गंध चिकित्सा ही है
हवन विधि द्वारा
अगरबत्ती , धूपबत्ती जैसे जलाकर
स्प्रे मारकर
मोमबत्ती या दिए के तेल में गंध अवयव रखकर
बल्ब में तेल लगाकर
फैन के ऊपर तेलयुक्त रुमाल  रखकर
रेडियेटर , कूलर व एयर कंडीशनर  फ़टका मार कर गंध प्रसार




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Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in Garhwal , Uttarakhand ;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in Chamoli Garhwal , Uttarakhand;   Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in  Rudraprayag Garhwal , Uttarakhand;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in   Pauri Garhwal , Uttarakhand;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in   Tehri Garhwal , Uttarakhand;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in  Uttarkashi  Garhwal , Uttarakhand;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in   Dehradun Garhwal , Uttarakhand;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in    Haridwar Garhwal , Uttarakhand;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in  Pithoragarh  Kumaon , Uttarakhand;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in Champawat    Kumaon , Uttarakhand;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in   Almora Kumaon , Uttarakhand;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in Nainital   Kumaon , Uttarakhand;  Methods for Aromatherapy, Medical Tourism development in  Udham Singh Nagar  Kumaon , Uttarakhand;

पौड़ी गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास ; उधम सिंह नगर कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास ;  चमोली गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास  ; नैनीताल कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास ;  रुद्रप्रयाग गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास ; अल्मोड़ा कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास  ; टिहरी   गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास ; चम्पावत कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास ;  उत्तरकाशी गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास ; पिथौरागढ़ कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास;  देहरादून गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास ; रानीखेत कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास; हरिद्वार  गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास ; डीडीहाट  कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास ;   नैनीताल  कुमाऊं मेडिकल टूरिज्म विकास :

Bhishma Kukreti

Terror of Wild Animals in Theri and Uttarkashi Garhwal

History of King Sudarshan Shah of Tehri Riyasat –
History of Tehri Kingdom (Tehri and Uttarkashi Garhwal) from 1815 –1948-
  History of Uttarakhand (Garhwal, Kumaon and Haridwar) –
  By:   Bhishma Kukreti (History Student)
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   Since, the villages and fields were barren, there was less population; there were bushes, jungles in the region. Usually, on tour roads, tourists used to die due to cholera etc and there dead bodies used to be un-burried or nobody was burning the dead body and wild animals used to consume such dead bodies. . Normal tigers became man eaters. All those factors increased  the wild animal population. People used to use Jibal or a kind of net for catching the wild animals (2)
   There were huge numbers of birds, animals for hunting. British citizens used to visit Tehri Garhwal for hunting. Tehri King had to arrange food and loaders without payment for those British hunters (3).
The terror of wild animals were  hurdle in increasing farm land and agriculture.
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References –
Dabral, Shiv Prasad, (1975), Uttarakhand ka Itihas bhag 6, Veer Gatha Press, Garhwal India, page 124
2- Moorcraft , Travels in Hindostan , vol.1, page 19-20
3-Minya Prem Singh , Guldast Tabarikh page 228
Copyright@  Bhishma Kukreti, bjukreti@gmail.com
Wild Animals Terror , History of Tehri Garhwal; Wild Animals Terror , History of Uttarkashi Garhwal; Wild Animals Terror , History of Ghansali, Tehri Garhwal; Wild Animals Terror , History of Bhatwari ,  Uttarkashi Garhwal; Wild Animals Terror , History of Tehri, Tehri Garhwal; Wild Animals Terror , History of Rajgarhi Uttarkashi Garhwal;  Wild Animals Terror , History of Narendranagar,  Tehri Garhwal; Wild Animals Terror , History of Dunda ,  Uttarkashi Garhwal; Wild Animals Terror , History of Dhantoli, Tehri Garhwal; Wild Animals Terror , History of Chinyalisaur Uttarkashi Garhwal; Wild Animals Terror , History of Pratapnagar , Tehri Garhwal; Wild Animals Terror , History of  Mori, Uttarkashi Garhwal; Wild Animals Terror , History of Devprayaga, Tehri Garhwal; Wild Animals Terror , History of  Puraula, Uttarkashi Garhwal; Wild Animals Terror , History of Jakhanikhal Tehri Garhwal; Wild Animals Terror , History of Gangotri- Jamnotri Uttarkashi Garhwal to be continued ...

Bhishma Kukreti

हरिद्वार ,बिजनौर, सहरानपुर इतिहास और  पौरव राज्य सीमा  आकलन   (647 से 725 लगभग तक )

  Paurava Kingdom Area  and History of   Haridwar , Bijnor  , Sahranpur
हर्षवर्धन पश्चात बिजनौर , हरिद्वार , सहारनपुर का 'अंध युग' अर्थात तिमर युग  इतिहास- 8

Paurava dynasty in Dark  Age of History of Haridwar, Bijnor , Saharanpur after Harsha Vardhan death -8

Ancient  History of Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History  Part  -  285                   
                           
    हरिद्वार इतिहास ,  बिजनौर  इतिहास , सहारनपुर   इतिहास  -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग -  285               


                  इतिहास विद्यार्थी :::  भीष्म कुकरेती 
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द्युतिवर्मन शासन आदेश से पता चलता है कि राज्य का नाम पर्वताकार था।  अर्थात स्रुघ्न या कुणिंद, कुलिंद  नाम न था। इतिहासकार पर्वताकार की पहचान गढ़वाल या गिर्यावली से करते हैं (1 )
द्युतिवर्मन के शासन से पता चलता है कि कुमाऊं का कुछ भाग पर्वताकार राज्य के अंतर्गत था।  राज्य सीमा वृद्धि व शत्रु विजय पश्चात उसने  परम्भट्टारक महाराजधिराज उपाधि धारण की (1 ).
द्युतिवर्मन की राजधानी ब्रह्मपुर थी अनुमान किया जाता है कि हर्ष काल का ब्रह्मपुर जनपद पर पवर्तकार शासकों का राज था।  द्युतिवर्मन के राजयधिकारियों में पीलुपति या गजपति पद थे जो सिद्ध करते हैं भाबर , तराई , मैदान तक पूर्व वंश राज्य फैला था। (1 )  अर्थात गढ़वाल भाभर , हरिद्वार भाभर , बिजनौर भाभर , व सहरानपुर भाभर भी पर्वताकार राज्य अंतर्गत थे। 
   गुप्त सम्राटों के अनुसार द्युतवर्मन ने 'अमितविक्रम 'उपाधि धारण किया था (1 ) अर्थात द्युतिवर्मन का राज्य विस्तार बड़ा था।  जिससे अनुमान लगाया जा सकता है बिजनौर , शरण पुर , हरिद्वार के कुछ भाग अवश्य ही पूर्व वंशी राज्य अंग थे।
     

सन्दर्भ :

1- Dabral, Shiv Prasad, (1960), Uttarakhand ka Itihas Bhag- 3, Veer Gatha Press, Garhwal, India page 416


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Paurava Kingdom Area, History of Haridwar; Paurava Kingdom Area, History of  Kankhal , Haridwar; Paurava Kingdom Area, History of Jwalapur , Haridwar; Paurava Kingdom Area, History  of  Rurki Haridwar; Paurava Kingdom Area, History  of Haridwar; Paurava Kingdom Area, History  of Laksar , Haridwar; Paurava Kingdom Area, History  of  Saharanpur; Paurava Kingdom Area, History of  Behat , Saharanpur; Paurava Kingdom Area, History  of  Saharanpur; Paurava Kingdom Area, History  of Nakur,  SaharanpurPaurava Kingdom Area, History of  Devband , Saharanpur; Paurava Kingdom Area, History of  Bijnor ; Paurava Kingdom Area, History  of  Bijnor ; Paurava Kingdom Area, History  of  Nazibabad , BijnorPaurava Kingdom Area, History of  Bijnor; Paurava Kingdom Area, History  of Nagina  Bijnor ; Paurava Kingdom Area, History  of  Dhampur , Bijnor ; Paurava Kingdom Area, History of  Chandpur Bijnor ; 
कनखल , हरिद्वार इतिहास में पौरव राजयविस्तार ; ज्वालापुर हरिद्वार इतिहास में पौरव राजयविस्तार ;रुड़की , हरिद्वार इतिहास में पौरव राजयविस्तार ;लक्सर हरिद्वार इतिहास में पौरव राजयविस्तार ;मंगलौर , हरिद्वार इतिहास में पौरव राजयविस्तार ; बहादुर जुट , हरिद्वार इतिहास में पौरव राजयविस्तार ;
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Bhishma Kukreti


  100 नवोन्मेष (Innovations )जिन्होंने पर्यटन की शक्ल व आकार बदला  

100 Innovations those Changed the Shape and Size of Tourism
चिकित्सा पर्यटन विकास हेतु गंध चिकित्सा विकास -5
Aromatherapy for Medical Tourism Development -5


उत्तराखंड में चिकत्सा पर्यटन  रणनीति - 258

Medical Tourism development Strategies -258 

उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना - 379

Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -379 



आलेख -      विपणन आचार्य  भीष्म कुकरेती

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साउथ डेनमार्क यूनिवर्सिटी के Anne -Mette Hjalager ने फंडामेंटल्स ऑफ़ टूरिज्म रिसर्च के 2015 के एक अंक में 100 नव अनशनों का ब्यौरा दिया जिन्होंने टूरिज्म की शक्ल व आकार ही बदल डाला।  वास्तव में ये इन्नोवेशन टूरिज्म विकास के लिए नहीं हुए थे किन्तु टूरिज्म उद्यम ने इन्हे आत्मसात कर टूरिज्म उद्यम में भरी परिवर्तन किये।  इन इनोवेशन्स का ब्यौरा इस प्रकार हाउ और आज भी टूरिज्म विकास हेतु कामयाब कारक हैं-

संख्या --इन्नोवेशन   -----सन -------टिप्पणी 
१- --पासपोर्ट  ------------१४१४
२- टैक्सी कैब ------------------१६४०
३- बैरोमीटर ----१६४३
४- म्यूजियम -----१६८३
५- थर्मामीटर  --१७१४
६- ट्रैवलर्स चेक १७७२
७- बैटरी १८००
८-लाइफ बेल्ट १८०४
९- आसन  लाइनर १८१८
१० - कुनीन १८२० कुनीन ने उत्तराखंड यात्रा व व्यापर में क्रान्ति ला दी थी
११- बस -१८२०
१२ -रेलवे -१८२५
१३- नेशनल पार्क १८३२
१४ -स्लीपिंग कार १८३७
१५- इंडुअर स्वीमिंग पूल १८३७
१६-साइकल १८३९ 
१७-टेलीग्राफ -1844
१८- नेशनल वेदर सर्विस -१८४७
१९- स्कीइंग तकनीक १८५०
२० -एलिवेटर -१८५४
२१- लगेज -१८५४
२२- ट्रैवल इन्सुरेंस -१८५४
२३-मेडिकल इमरजेंसी सर्विस -१८६५
२४- सुएज कैनाल -१९६९
२५- गली में बिजली - १८७३
२६- ऑटोमोबाइल्स -१८७५
२७- टेलीफोन -१८७७
२८- रेस्टॉरेंट कार १८८०
२९- ग्लास फाइबर -१८९३
३० डिस्काउंट कूपन्स -१८९५
३१- एस्कलेटर्स -१८९६
३२ जिपलीन -१९००
३३- मिसाइल गाइड -१९००
३४- ग्लाइडिंग -१९००
३५- एयर कंडीशनर -१९०२
३६-कारवां -१९०७
३७- पैसेंजर एयर क्राफ्ट्स -१९१४
३८-स्नो मोबाइल -१९१४
३९- इंस्टांट फ़ूड -१९१६
४०-एयर ट्रैफिक असोसिएसन -१९१९
४१- हाइवे -१९२२
४२ सनग्लासेज -१९२९
४३ एयर होस्टेस -१९३०
४४- पेड हॉलीडेज १९३६
४५- शॉपिंग कार्ट १९३६
४६- क्रेडिट कार्ड -१९९३८
४७- एयर बेड १९४०
४८ -सनस्क्रीन -१९४४
४९- विउआक /टेम्पोरेरी कैम्प कपड़ा
५०- कम्प्यूटर रिजर्वेसन -१९४६
५१- माइक्रोओवन - १९४७
५२- इलेक्ट्रिक साउना  स्टोव -१९५०
५३- मिनी बस -१९५०
५४ -इम्यूनाइजेशन प्रोग्रैम १९५०
५५- स्नो कैनन -१९५०
५६- बैक  पैक १९५१
५७- कैटल ग्रिल १९५२
५८- सोलर सेल -१९५४
५९- शॉपिंग मॉल १९५६
६० कार्बन फायबर -१९५८
६१ -०- ऑरोमेटिक ट्यलर मशीन -१९५९
६२-ऑटोमेटिक डुअर १९६०
६३- फेमिली डॉम टेंट -१९६०
६४-ड्राई  स्की सलोप १९६०
६५ -रिक्रिसिएसनल ड्रग्स -१९६०
६६- इंस्टेंट पॉकेट कैमरा -१९६३
६७-इनफ्लैटेबल लाइफ राफ्ट १९६३
६८- स्नो बोर्डिंग १९६५
६९-बारकोड -१९६६
७० पूल क्लीनिंग रोबोट -१९६७
७१- कम्प्यूटर टैबलेट -१९६८
७२ सेंत तक्नोलोजी -१९७०
७३ -ल्वॉयलटी प्रोग्रैम -१९७२
७४ -लोनली प्लैनेट -१९७२
७५-रेडिओ फ्रीक्वेंसी िडेंटिफिकेसन -१९७३
७६-सॉस वाइड -१९७४
७७- मिनी बार -१९७४
७८- गोरे  टेक्स -१९७६
७९- एयर लाइन डिरेगुलेशन -१९७८
८०- कैम  कोर्डर -१९८३
८१- मोबाइल फोन १९८३
८२ -रॉलिंग लगेज -१९८७
८३-WWW -१९८९
८४-उपभोक्ता सुरक्षा -१९९०
८५- ऑनलाइन मैप्स -१९९३
८६-ई -टिकटिंग -१९९४
८७-QR कोड १९९४
८८ -सीजन अग्रीमेंट १९९५
८९- सोशल मीडिया १९९७
९० ब्लॉगिंग १९९७
९१- वियाग्रा -१९९८
९२- यूरो -१९९९
९३-औगमेंटेड रियलिटी -१९९९
९४-जीपीएस -२०००
९५-जेनिटिक्ली मोडिफाइड गोल्फ क्लब -२००३
९६-माइक्रो ब्लॉगिंग २००६
९७- बॉडी स्कैनिंग २००७
९८- आर्टिफीसियल वेदर २००८
९९- अवतार -२०१२
१०० -इंटरनेट में बहुत से आविष्कार 
१०१ लेजर शो आदि
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100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in Garhwal , Uttarakhand ;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in Chamoli Garhwal , Uttarakhand;   100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in  Rudraprayag Garhwal , Uttarakhand;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in   Pauri Garhwal , Uttarakhand;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in   Tehri Garhwal , Uttarakhand;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in  Uttarkashi  Garhwal , Uttarakhand;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in   Dehradun Garhwal , Uttarakhand;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in    Haridwar Garhwal , Uttarakhand;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in  Pithoragarh  Kumaon , Uttarakhand;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in Champawat    Kumaon , Uttarakhand;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in   Almora Kumaon , Uttarakhand;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in Nainital   Kumaon , Uttarakhand;  100 Innovations Transformed Tourism , Medical  Tourism development in  Udham Singh Nagar  Kumaon , Uttarakhand;

पौड़ी गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग ; उधम सिंह नगर कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग ;  चमोली गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग  ; नैनीताल कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग ;  रुद्रप्रयाग गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग ; अल्मोड़ा कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग  ; टिहरी   गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग ; चम्पावत कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग ;  उत्तरकाशी गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग ; पिथौरागढ़ कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास;  देहरादून गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग ; रानीखेत कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास; हरिद्वार  गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग ; डीडीहाट  कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग ;   नैनीताल  कुमाऊं मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु इन्नोवेशन और इन्नोवेशन का प्रयोग :

Bhishma Kukreti

Uncomfortable Situation in the Capital Tehri 

History of King Sudarshan Shah of Tehri Riyasat – 93
History of Tehri Kingdom (Tehri and Uttarkashi Garhwal) from 1815 –1948- 93
  History of Uttarakhand (Garhwal, Kumaon and Haridwar) – 1321
  By:   Bhishma Kukreti (History Student)
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  There was acute shortage of necessary items in Tehri the capital . Sudarshan Shah built small house for his family members, The monthly rent from 30 houses built by him was four ana per house. The people visiting capital used to sleep on open ground or tent /Pall . There was no grain store till Sudarshan Shah opened a shop .Sudrashan Shah used to sit in shop some times. There was no restaurant or hotel for tourists too. (1)
-
References –
Dabral, Shiv Prasad, (1975), Uttarakhand ka Itihas bhag 6, Veer Gatha Press, Garhwal India, page 124
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Uncomforts in Tehri City , History of Tehri Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Uttarkashi Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Ghansali, Tehri Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Bhatwari ,  Uttarkashi Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Tehri, Tehri Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Rajgarhi Uttarkashi Garhwal;  Uncomforts in Tehri City , History of Narendranagar,  Tehri Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Dunda ,  Uttarkashi Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Dhantoli, Tehri Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Chinyalisaur Uttarkashi Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Pratapnagar , Tehri Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of  Mori, Uttarkashi Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Devprayaga, Tehri Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of  Puraula, Uttarkashi Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Jakhanikhal Tehri Garhwal; Uncomforts in Tehri City , History of Gangotri- Jamnotri Uttarkashi Garhwal to be continued ...




Bhishma Kukreti

 
      उत्तराखंड राज्य सुगंध पर्यटन प्रति सचेत है

Projects for Aroma Tourism in Uttarakhand
चिकित्सा पर्यटन विकास हेतु गंध चिकित्सा विकास -6
Aromatherapy for Medical Tourism Development -6


उत्तराखंड में चिकत्सा पर्यटन  रणनीति - 259

Medical Tourism development Strategies -259 

उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना - 380

Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -380 



आलेख -      विपणन आचार्य   भीष्म कुकरेती

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     सुगंध पर्यटन प्रकृति पर्यटन या इको टूरिज्म का अभिन्न अंग है।  उत्तराखंड राज्य ने सुगंध पर्यटन के महत्व को समझा और सुगंध पर्यटन विकास हेतु विशेष कदम उठाये हैं जो भविष्य में काफी लाभदायी साबित होंगे।  उत्तराखंड राज्य ने सुगंध पर्यटन को केरल के मसाला पर्यटन जैसे विकास योजनाएं निर्मित की हैं। 

उत्तराखंड में सुगंध पर्यटन विकास में निम्न कारक महत्वपूर्ण है -

* उत्तराखंड में १७९ विशेष व सुगंध पादप प्रजाति हैं जो सुगंध पर्यटन विकास के लिए अहम् हैं

* दालचीनी पादप विशेष महत्वपूर्ण पादप है

*उत्तराखंड का सुगंध तेल बज़ार में  2002 से 2017 तक 27 % विकास हुआ

* उत्तराखंड में 109 सुगंध स्थल हैं जो पर्यटक  गामी  हैं

* उत्तराखंड में 178 जगह डिस्टलरी हैं जो सुगंधित तेल निथारन करते हैं

*चिकित्सा व सपा हेतु 600 तन तेल उत्पाद होता है और 1800 कृषक इस क्षेत्र में कार्यरत हैं

उत्तराखंड राज्य ने निम्न चार स्थलों कोसुगंध केंद्रित  ऐरोमा टूरिस्ट स्थल हेतु योजना बनाई हैं-



१- परसाड़ी -चमोली गढ़वाल

२- भुजीघाट नैनीताल

३- गवाड़ी -पौड़ी  गढ़वाल

४- पीड़ा पौड़ी  गढ़वाल

५- बिहारी गढ़ हरिद्वार



  प्राइवेट पब्लिक भागीदारी तर्ज पर उपरोक्त स्थलों को सुगंध पर्यटक स्थल विकसित करने की योजनाएं हैं और निवेशकों हेतु कई इन्सेन्टिव्ज का प्रवधान है।  जैसे होटल, एडवेंचर टूरिज्म सुविधा  व अन्य सुविधाएं जुटाने हेतु इन्सेन्टिव्ज आदि आदि

इसके अतिरिक्त निम्न इंसेटिव्ज भी दिए जा रहे हैं -

१- सुगंधित पादप उत्पादन हेतु 50 % सब्सिडी

२- डिस्टलरीज हेतु पहाड़ों में 75 % व मैदान में 50 % सब्सिडी

३- 50 पादपों व तैलों पर एमएसपी याने मिनिमम स्पोर्ट प्राइस

(राज्य द्वारा इन्वेस्टमेंट मेले हेतु तैयार की गए ब्रौचर  आधार पर )



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Medical Tourism Development by Aroma Tourism in Garhwal , Uttarakhand ;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in Chamoli Garhwal , Uttarakhand;   Medical Tourism Development by Aroma Tourism in  Rudraprayag Garhwal , Uttarakhand;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in   Pauri Garhwal , Uttarakhand;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in   Tehri Garhwal , Uttarakhand;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in  Uttarkashi  Garhwal , Uttarakhand;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in   Dehradun Garhwal , Uttarakhand;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in    Haridwar Garhwal , Uttarakhand;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in  Pithoragarh  Kumaon , Uttarakhand;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in Champawat    Kumaon , Uttarakhand;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in   Almora Kumaon , Uttarakhand;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in Nainital   Kumaon , Uttarakhand;  Medical Tourism Development by Aroma Tourism in  Udham Singh Nagar  Kumaon , Uttarakhand;




पौड़ी गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   ; उधम सिंह नगर कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   ;  चमोली गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व    ; नैनीताल कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   ;  रुद्रप्रयाग गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   ; अल्मोड़ा कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व    ; टिहरी   गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   ; चम्पावत कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   ;  उत्तरकाशी गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   ; पिथौरागढ़ कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व  ;  देहरादून गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   ; रानीखेत कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व  ; हरिद्वार  गढ़वाल मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   ; डीडीहाट  कुमाऊं  मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   ;   नैनीताल  कुमाऊं मेडिकल टूरिज्म विकास में सुगंध पर्यटन का महत्व   :


Bhishma Kukreti

पौरव  वंशी राजा विष्णु वर्मन व वृषभ वर्मन
Vishnu Varman and Vrishabh Varman Kings of Paurava Dynasty
हर्षवर्धन पश्चात बिजनौर , हरिद्वार , सहारनपुर का 'अंध युग' अर्थात तिमर युग  इतिहास- 9

Paurava dynasty in Dark/ Early Middle Age  of History of Haridwar, Bijnor , Saharanpur  -9

Ancient  History of Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History  Part  -  286                   
                           
    हरिद्वार इतिहास ,  बिजनौर  इतिहास , सहारनपुर   इतिहास  -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग -  286               


                  इतिहास विद्यार्थी :::  भीष्म कुकरेती 
-
         विष्णु वर्मन व वृषभ वर्मन के बारे में कुछ अधिक जानकारी नहीं मिलतीं हैं। द्युतिवर्मन व वृषभ वर्मन की राज मुद्राओं में अंकित नामों से इनके बारे में जानकारी मिलती है।  संभवतया विष्णुव्रमण हर्ष काल में ब्रह्मपुर का स्थानीय शासक था हुएन सांग ने ब्रह्मपुर नरेश का उल्लेख नहीं किया हुआ है जिससे अनुमान लगता है कि ब्रह्मपुर विष्णु वर्मन का पैतृक राज्य न था।  डबराल अनुमान लगते हैं कि संभवतया वृषभ वर्मन ने हर्ष मृत्यु से रिक्त ता का लाभ उठाकर ब्रह्मपुर का शासन संभाला और पैतृक राज्य का जमा पहना दिया।  वृषभ वर्मन ने परम् भट्टारक महाधिराज जैसी स्वतंत्र उपाधि धारण नहीं की (1 ) 

सन्दर्भ :

1- Dabral, Shiv Prasad, (1960), Uttarakhand ka Itihas Bhag- 3, Veer Gatha Press, Garhwal, India page 414 , 415


Copyright@  Bhishma Kukreti , 2018

Dark Age of History of Haridwar; Dark Age of History of  Kankhal , Haridwar; Dark Age of History of Jwalapur , Haridwar; Dark Age of History  of  Rurki Haridwar; Dark Age of History  of Haridwar; Dark Age of History  of Laksar , Haridwar; Dark Age of History  of  Saharanpur; Dark Age of History of  Behat , Saharanpur; Dark Age of History  of  Saharanpur; Dark Age of History  of Nakur,  SaharanpurDark Age of History of  Devband , Saharanpur; Dark Age of History of  Bijnor ; Dark Age of History  of  Bijnor ; Dark Age of History  of  Nazibabad , BijnorDark Age of History of  Bijnor; Dark Age of History  of Nagina  Bijnor ; Dark Age of History  of  Dhampur , Bijnor ; Dark Age of History of  Chandpur Bijnor ; 
कनखल , हरिद्वार इतिहास ; ज्वालापुर हरिद्वार इतिहास ;रुड़की , हरिद्वार इतिहास ;लक्सर हरिद्वार इतिहास ;मंगलौर , हरिद्वार इतिहास ; बहादुर जुट , हरिद्वार इतिहास ;
सहरानपुर इतिहास ;देवबंद , सहरानपुर इतिहास ;बेहट , रामपुर , सहरानपुर इतिहास ;बाड़शाह गढ़ , सहरानपुर इतिहास ; नकुर , सहरानपुर इतिहास ;
बिजनौर इतिहास ; धामपुर , बिजनौर इतिहास ;   नजीबाबाद ,  बिजनौर इतिहास ;   नगीना ,  बिजनौर इतिहास ;   चांदपुर ,  बिजनौर इतिहास ;  सेउहारा  बिजनौर इतिहास ; 


Bhishma Kukreti

  बंशी  किसना से इथगा  किलै चिरड्यांद ?

चबोड्या  , चखन्यौर्या  , मज्जक्या  : भीष्म कुकरेती
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   बंशी सद्यनी तरां सुबेर पूजा की जगा एक फोटो पर चक्कु नपांद अर बड़बड़ करदो - ते से बड़ो दुसमन म्यार ये जमन म नी।  म्यार सरा रिस्तेदार  एक असुण्या  कु सुख्यर  जीवन की कामना करदन अर एक मि छौं जु एक सूरत देखिक इ दुख्यर ह्वे जांद  .
बंशी क नयो रूममेट - क्या रे बंशी सरा दुन्या सुबेर सुबेर भगवान से प्रार्थना करद अर तू यीं फोटो पर चक्कु नपाणु रौंद।    बात क्या च आखिर  ?
बंसी चक्कु  तरफ घुमैक  - यु म्यार दुन्या म सबसे बड़ो दुसमन च। 
रूममेट - ह्यां  पर किलै यु , अबोध, बेगुनाह  बेगुनाह , इन्नोसेंट  दिखेण वल यंग मैन त्यार दुसमन च ?
बंशी - , बेगुनाह अर यू ? अबोध अर यू ? अरे ये से बड़ो रागस आज तक पैदा इ नि ह्वे यीं दुनिया म। बेगुनाह , अबोध हूँ ! ये बड़ो जल्लाद क्वी नी च यीं दुन्या म।
रुममेट - अरे बंशी ! सूरत त देख मासूम साधी किन्तु ऊर्जावान यूथ ! रियाल इन्नोसेंट यंग मैन !
बंशी - अबे ये से बड़ो दुर्जन आज तक तीन देखि नि होलु ?
रुममेट - अरे पर येन कार क्या च ?
बंशी - अरे जु दस्यु रागस करदो  उनी येन कार और क्या ?
रुममेट  - बस रागस च दस्यु च , दुर्जन च की रट लगायीं च बल दुश्मन च। ह्यां बतैल त जणलु न ?
बंशी - अब क्या बथौं ?
रुममेट - ठीक च नि बथा।
बंशी  - अरे सूण सूण।  उ क्या च जब यु एक सालक रै होलु त मि अपण बैणि मिलणो एक गाँव ग्यों। 
रुममेट - औ त क्या ह्वाई ?
बंशी -हूण क्या छौ।  एक दिन दीदी बुन बिस्याइ बल ये बंशी सुबेर बिटेन ये किसना न मूत नी जरा ये तै झाड़ा करै दे।  दीदीक बात मनण इ छौ।  मीन  किसना तै खुकली पर ले अर स्स स्सू सू बोलिक पिशाब कराइ दे। 
रुममेट -औ त बंशी त्यार भणजो च ?
बंशी (दांत कीटिक )  -केक भणजो दुश्मन च दुश्मन च। 
रुममेट - क्या ह्वाइ फिर ?
बंशी -अब क्या ह्वाइ जब बि पिशाब कराण हो तो दीदी मितै बुलै द्यावो।  मी बि भणजु बोलिक तल्लीनता से ये तैं पिशाब करांद छौ।
रुममेट -या तो बढ़िया बात च।  भणजो सेवा से पुण्य मिल्द।
बंशी -खन्नौ पुण्य मिलद।  अरे मि त झाड़ा वैद्य बणी ग्यों।  टट्टी  हकीम ,लू , यूरीन फिजिसियन
रुममेट -क्या ?
बंशी -हाँ।  दीदी अर जीजान बाबा जी कुण रैबार भयाज बल किसना बगैर बंशी क पिशाब नि कौर सकद त बंशी तै इकि रुकणा छां।  बाबा जीन बोल बल ठीक च।  कुछ दिन पिशाब करांद छौ फिर वु किसने बगैर म्यार खड़ हुयां टट्टी बि नि करद छौ , रात बिरांत बि मि तैं वै तै पिशाब या झाड़ा कराण पड़द छौ। 
रुममेट -ओहो बड़ी दिक्कत हूंदी ह्वेली हैं ? पर भणजो सेवा त बुरी नी ना।
बंशी -अरे भणजु तै झाड़ा पिशाब कराण हो तो ठीक छौ पर फिर गाँव म लोग बाग़ अपण बच्चों तै लेक आण बिसे गेन - बल ये बंशी म्यार छुटु तैं पिशाब नी हूणी जरा सुसू बोलिक पिशाब टट्टी करै दे।  अर अब कुछ दिन बाद कैक बि बच्चा तै टट्टी पिशाब कराण हो मि तै जाण पड़द छौ।  म्यार नाम बंशी पधान से सुस्सू पधान ह्वे गे।
रुममेट -वास्तव म यू त मानसिक बलात्कार ही ह्वाइ भै।
बंशी -अरे यांक बाद तो  गैंग रेप हूण मिसे गे।
रुममेट -विलेज गैंग रेप ?
बंशी -फिर कुछ दिन बाद गाँव बैक याने प्रौढ़ुं तै कबज ह्वे जावो या पिशाब रुक जावो तो लोग मि तैसुस्सू सुस्सू बुलणो बुलावन अर तब जैक ऊंक टट्टी पिशाब खुल्दी छे।  स्कूलम बि पैल पैल प्रिंसिपलन सुस्सू कारणो बुलाई अर फिर मास्टरुंन बि सुस्सू बुलणो बुलाण शुरू कर दे।  इख तक इ बात नि रुक अब त क्षेत्र वासी बि कबज या पिशाब की बीमारी म सुस्सू कराणो भट्याण मिसे गेन। मि बंशी से सुस्सू मैन ह्वे ग्यों।
रुममेट -अछेकि मानसिक प्रतड़ना ह्वे या तो।  फिर ?
बंशी -फिर मि भाजिक अपण चचाम पढ़णो देहरादून ऐ ग्यों।
रुममेट -औ त अब तो मानसिक त्रास बंद ह्वे गे होली हैं ?
बंशी -क्यांक बंद। गाँव वळ कबज हो तो देहरादून ऐ जावन। अर सुस्सू बुलणो काम दे द्यावन।रुममेट -वेरी बैड।  फिर छुटकारा ?
बंशी -मि देहरादून से भाजिक ममा जी म पढ़णो पटना च ग्यों
रुममेट - चलो दूर। .. पर अब किलै गुस्सा क्यांक गुस्सा ?
बंशी -अरे फिर लोगुंन फोन पर सुस्सू बुलणो रिक्वेस्ट शुरू कर दे अर अब मोबाइल पर मि तैं सुस्सू सुस्सू बुलण पड़द।
रुममेट -औ तबी तू ऑफिस म या ड्यारम मोबाइल पर सुस्सू सुस्सू चिल्लाणु रौंदी ?
बंशी -हाँ अब बि दीदी क ससुराल वळुं झाड़ा पिसाब रुक  जावो तो फोन पर सुस्सू चिल्लाणो ऑर्डर दीणा रौंदन।
रुममेट - भौत तकलीफदेय स्थिति च भै।  टेरीबल सिच्युएशन।  वेरी टेरीबल।
बंशी -हाँ तबी त मि अपण भणजु तै अपण दुसमन मणदु।
रूममेट - बंशी ! एक मिनट हाँ म्यार गाँव बिटेन  फोन च।  हेलो चचा जी हेलो।  प्रणाम चचा जी।  हाँ हाँ मि बंशी कु रुममेट छौं।  क्या ? क्या ? क्या आप तै कबज च अर चार पांच दिन से पेट नि खुल अर भौत दर्द हूणु च ? क्या क्या ? क्या बंशी से सुस्सू सुस्सू बुलणो रिक्वेस्ट करण ? ठीक च मि बंशी से सुस्सू सुस्सू  बुलणो रिक्वेस्ट करदु। 

(तेलगु फिल्म 'लव ऐक्शन धमाका'  का एक सीन से से प्रेरित )
Copyright@ chabodachaarya  Bhishma Kukreti ,2019  Mumbai India ,

*लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ , चरित्र , स्थान केवल हौंस , हौंसारथ , खिकताट , व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।

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