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Idioms Of Uttarakhand - उत्तराखण्डी (कुमाऊँनी एवं गढ़वाली) मुहावरे

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 25, 2007, 05:14:02 PM




पंकज सिंह महर

जय हो मेहता जी तुमरी.....
सबसे पहले तो creative uttarakhand को बधाई कि, इस पुस्तक का प्रकाशन किया, बहुत-बहुत साधुवाद.....
कुछ मुझे भी याद आ रहा है.
"नयी-नयी गोरु के नौ पुल घास"  नयी-नयी गाय को ज्यादा घास देना अर्थात : नयी चीज को ज्यादा तरजीह देना
"कुकुरे घरो ले कपास" अर्थात चीज की इज्जत न होना
........शेष याद आने पर

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Mahar Ji,

Thanx.. ek mukhe bhi yaad aa raha hai.

नानी खोरी ठुली न हुनी

इसका मतलब ..  छोटा आदमी बड़ा नही होता




Quote from: पंकज सिंह महर on December 27, 2007, 12:32:47 PM
जय हो मेहता जी तुमरी.....
सबसे पहले तो creative uttarakhand को बधाई कि, इस पुस्तक का प्रकाशन किया, बहुत-बहुत साधुवाद.....
कुछ मुझे भी याद आ रहा है.
"नयी-नयी गोरु के नौ पुल घास"  नयी-नयी गाय को ज्यादा घास देना अर्थात : नयी चीज को ज्यादा तरजीह देना
"कुकुरे घरो ले कपास" अर्थात चीज की इज्जत न होना
........शेष याद आने पर


Rajen

"न खान्या ब्वरि का नौ पतका"
(जो बहू ससुराल में नहीं रहना चाह्ती वह नौ बहाने बनाती है)
अथवा
काम न करने के नौ बहाने.


हलिया

मेहता जी, गजब कर रहे ठैरे हो महाराज आप तो।  इन मुहावरों से तो हमारी भाषा में काफ़ी खुबसूरती आ जाने वाली ठैरी।

bharat motwani

da bhaut parasahan ho gaya tha ma up ma aaka n aap ki is site na tho mera jivan hi badal diya

bharat motwani

mehat ji mujhe bhi sikao kuch phadi tho nahi ho per unka beech ma rha ho 17 sal