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Funny Incidents - हास्य घटनाये

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 02, 2007, 04:22:29 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Mahraj. Great -2 -3 -4 -5


Quote from: Lalit Mohan Pandey on March 29, 2008, 08:10:09 AM
यह घटना जैल्जीबी मेले की है, हमारे पास के ही गाव आनागाव से एक बुजुर्ग मेला देखने जैल्जीबी गए थे, अब जैसे की गाव मै सुबह सुबह लैटिन जाने को जंगल मै एकांत मै जाते है. तो वो जैल्जीबी मै एकांत दूदने लगे पेर जैल्जीबी मै उन्हें एकांत कहा से मिले तो वो चलते चलते बहुत दूर पहुच गए, तो उन्होंने देखा की कुछ लोग एक मकान के अन्दर जा के लैटिन  कर रहे है जो की असल मै लैटिन ही था तो उन्हें बड़ा ताजुब हुआ की यहा के लोग तो बड़े वो है घरू मै ही लैटिन कर देते है अब लगी तो उन्हें भी जोर से थी, उन्होंने सोचा घर के अन्दर करने से अच्छा तो बाहर करू, तो महाराज वो सुरु हो गए ठीक लैटिन के बाहर फर्श मै करने, तो इतने मै एक हैलदार वहा आ गया , उसने बुजुर्ग का ज़गीया पकर के कहा.. ऐ बुड्डे यहा पे क्यों हगता .अब तो बुजुर्ग को भी गुस्सा आ गया बोले..
सबने हग्य तो के नही, मीले हग्या तो ऐसा
छोड़ मेरा ज़गीया, छोड़ता है की नही..


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



हा हा हा . ही ही ही ...

महराज मजा आ गया... ?

यह हास्य घटना थोड़ा हट के है.. एक बार एक पूजा मे पंडित जी सबको चंदन लगा रहे थे सभी लोग प्रणाम कह रहे थे पंडित जी से.. तभी एक आदमी ने इतनी जोर से कहा.. गुरु पैलाग.... पंडित जी ने थाली फैक थी..और भाग निकले ! तब पंडित जी चंदन लगाते समय सतर्क हो जाते थे.

Risky Pathak

Lo Pandey Jee + 1 Karma In Haasya Ghatnao Ke Liye

Lalit Mohan Pandey

महाराज एक और घटना सुनो..

हमारे गाव मै एक आदमी कान कम सुनता था जीसे की पहाड़ मैं टोल्या बोलते है, लेकिन वो किसी को जाहीर नही होने देना चाहता था.. इसलिए सुनाए न भी दे तो वो अंदाजे से answer देता था. वो एक बार किसी दूसरे गाव मैं गया था. वहा एक आदमी पीनाओ (अरबी) के खेत मै कुछ कर रहा था तो उसने टोल्या से पूछा महाराज नन्तीना (बच्चे) कतुक छन तुमारा. तो महाराज टोल्या भाई शाहब को सुँनाए तो कुछ नही दीया उन्होंने अंदाजा लगाया की पीनाओ (अरबी) के खेत मै है तो उसी के बारे मै पूछ रहा होगा.. और बोलो " काहे कूछा हो, एल साल त बारीश न हो, काहें हुनीभ्या बिन बारीश, फीरी मेरी गर्वाली ले बीमार हो साल भरी के मेहनत न हो पाई..अब बिन पर्सो (गाय कान गोबर) डालियाई, बिन पानी डालियाई की हुतिया, एक भ्दयाल भयान पका खा हालीयान. 
महाराज वो पूछने वाला हस हस कर पागल हो गया .
Quote from: Himanshu Pathak on April 05, 2008, 08:33:33 PM
Lo Pandey Jee + 1 Karma In Haasya Ghatnao Ke Liye

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Pandey ji. fantastic. ..

Quote from: Lalit Mohan Pandey on April 11, 2008, 05:56:28 PM
महाराज एक और घटना सुनो..

हमारे गाव मै एक आदमी कान कम सुनता था जीसे की पहाड़ मैं टोल्या बोलते है, लेकिन वो किसी को जाहीर नही होने देना चाहता था.. इसलिए सुनाए न भी दे तो वो अंदाजे से answer देता था. वो एक बार किसी दूसरे गाव मैं गया था. वहा एक आदमी पीनाओ (अरबी) के खेत मै कुछ कर रहा था तो उसने टोल्या से पूछा महाराज नन्तीना (बच्चे) कतुक छन तुमारा. तो महाराज टोल्या भाई शाहब को सुँनाए तो कुछ नही दीया उन्होंने अंदाजा लगाया की पीनाओ (अरबी) के खेत मै है तो उसी के बारे मै पूछ रहा होगा.. और बोलो " काहे कूछा हो, एल साल त बारीश न हो, काहें हुनीभ्या बिन बारीश, फीरी मेरी गर्वाली ले बीमार हो साल भरी के मेहनत न हो पाई..अब बिन पर्सो (गाय कान गोबर) डालियाई, बिन पानी डालियाई की हुतिया, एक भ्दयाल भयान पका खा हालीयान. 
महाराज वो पूछने वाला हस हस कर पागल हो गया .
Quote from: Himanshu Pathak on April 05, 2008, 08:33:33 PM
Lo Pandey Jee + 1 Karma In Haasya Ghatnao Ke Liye

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

इस हास्य घटना के बारे के क्या कहे.. ..

मुझे याद है मे और मेरे कुछ दोस्त बोर्ड की परीक्षा दे रहे थे जहाँ हमारा सेंटर था ! वही हमारे गाव से बारात आयी थी. तो हम लोग भी इस बारात मे शरीख हो गए..

ठीक है.... हम लोग दुल्हे के बगल मे बैठे थे वहाँ से लड़कियां गीत गा रही थी और दुल्हे के पार्टी को चिडा रही थे.. थोड़े देर मे हमारे दुल्हे महराज लघु शंका हेतु बाहर गए लिए ??????.... लैटर बॉक्स बंद करना भूल गए.. लेकिन स्थिति आपतिजनक नही थी.. अब क्या गाना गा रही लड़कियों को पता ने कैसे यह सब पता चला..

भाई अब तो क्या करे.. हमने दुल्हे को घेर का उसकी लाज बचाई. . ...

तो भाई ख्याल रखना ...कही कोई इस प्रकार की गलती अनजाने मे न करे.. 


hi hi hi. .ha ha ha.

be careful.

Lalit Mohan Pandey

एक बार एक सज्जन हमारे गाव मैं पधारे दूसरे गाव से, तो कीसी ने उन से पूछा की
Question : "कतुक छन तुमारा नन्तीना"
उन्होंने कहा : ३ छन,
Question : पड़ना हुनाला
उन्होंने कहा: होयी
Question: का पढ़नान पे
उन्होंने कहा: ब्वारी न का दगारा .          ब्वारी (means बहू)

Risky Pathak

Paandey Jee tam to mjaa gaad dete hue.. Maj ae go ho Saip....
Excelant


Quote from: Lalit Mohan Pandey on April 29, 2008, 03:48:45 PM
एक बार एक सज्जन हमारे गाव मैं पधारे दूसरे गाव से, तो कीसी ने उन से पूछा की
Question : "कतुक छन तुमारा नन्तीना"
उन्होंने कहा : ३ छन,
Question : पड़ना हुनाला
उन्होंने कहा: होयी
Question: का पढ़नान पे
उन्होंने कहा: ब्वारी न का दगारा .          ब्वारी (means बहू)

Lalit Mohan Pandey

एक बार कनालीछीना मै रामलीला हो रही थी, रामलीला से वापस जाते हुए कुछ लोगु ने कीसी के खेत से अदरक चुरा दीयी. तों उसने आके रामलीला कमेटी मै सीकायत कर दीयी. अब रामलीला कमेटी वाले परेशान थे की क्या कीया जाय, क्युकी रामलीला बीच मै रोकी नही जा सकती और अगर लोग यही करते रहे तों अलग अलग गाव मै झगरा होने का डर था, क्युकी कनालीछीना की रामलीला को देखने के लीये आसपास के बहुत गाव से लोग आते है, झगरा होने का डर इसलिए भी ज्यादा था की सब एक दूसरे गाव मै आरोप लगा रहे थे की फलाफला गाव वाले चोरी करते है,  और ये चोरी के शिकायतऐ बहुत दीनु से आ रही थी, तों उन्होंने सोचा वहा एक पर्शिद कथा वाचक थे उन्हें बुलाया जाय और उनसे लोगु को चोरी न करने का उपदेश दील्वाया जाय.
तों दूसरे दिन कथावाचक जैसे ही मंच मै आये, तों सबने तालिया बजायी और कथावाचक जोर से बोले "सज्जनो"  पीछे से कीसी ने उतनी ही जोर से उत्तर दिया "उऊऊ" (जैसे पहाड़ मै कीसी को आवाज लगाओ और वो दूर हो तों वो वहा से जोर से लंबा ऊ बोल कर उत्तर देते है, जैसे कोए बच्चा अपनी मम्मी को आवाज लगता है "इजजजा" और माँ दूर से कहती है "उऊऊ")
खेर वाकये मै लौटता हू - तों उसी तरह कीसी ने पीछे से उत्तर दिया  "उऊऊ". तों वो कथावाचक कुछ देर तक चुप रहे अपने दुबारा बोले "सज्जनो", अपने उस आदमी ने भी दुबारा वैसे ही बोला "उऊऊ", कथावाचक जी कुछ देर फ़िर से चुप रहे और अपने गुस्से को दबाते हुए  फ़िर बोले "सज्जनो",  उस आदमी ने फ़िर से बोल दिया  "उऊऊ" , कथावाचक जी से रहा नही गया और बोले "अन्न खाते हो या गू"
उस दिन से उस आदमी ने शायद कीसी को भी "उऊऊ" करके उत्तर नही दिया होगा. (अन्न means अनाज)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Great Pandey ji.

ha ha.

Quote from: Lalit Mohan Pandey on April 30, 2008, 03:33:16 PM
एक बार कनालीछीना मै रामलीला हो रही थी, रामलीला से वापस जाते हुए कुछ लोगु ने कीसी के खेत से अदरक चुरा दीयी. तों उसने आके रामलीला कमेटी मै सीकायत कर दीयी. अब रामलीला कमेटी वाले परेशान थे की क्या कीया जाय, क्युकी रामलीला बीच मै रोकी नही जा सकती और अगर लोग यही करते रहे तों अलग अलग गाव मै झगरा होने का डर था, क्युकी कनालीछीना की रामलीला को देखने के लीये आसपास के बहुत गाव से लोग आते है, झगरा होने का डर इसलिए भी ज्यादा था की सब एक दूसरे गाव मै आरोप लगा रहे थे की फलाफला गाव वाले चोरी करते है,  और ये चोरी के शिकायतऐ बहुत दीनु से आ रही थी, तों उन्होंने सोचा वहा एक पर्शिद कथा वाचक थे उन्हें बुलाया जाय और उनसे लोगु को चोरी न करने का उपदेश दील्वाया जाय.
तों दूसरे दिन कथावाचक जैसे ही मंच मै आये, तों सबने तालिया बजायी और कथावाचक जोर से बोले "सज्जनो"  पीछे से कीसी ने उतनी ही जोर से उत्तर दिया "उऊऊ" (जैसे पहाड़ मै कीसी को आवाज लगाओ और वो दूर हो तों वो वहा से जोर से लंबा ऊ बोल कर उत्तर देते है, जैसे कोए बच्चा अपनी मम्मी को आवाज लगता है "इजजजा" और माँ दूर से कहती है "उऊऊ")
खेर वाकये मै लौटता हू - तों उसी तरह कीसी ने पीछे से उत्तर दिया  "उऊऊ". तों वो कथावाचक कुछ देर तक चुप रहे अपने दुबारा बोले "सज्जनो", अपने उस आदमी ने भी दुबारा वैसे ही बोला "उऊऊ", कथावाचक जी कुछ देर फ़िर से चुप रहे और अपने गुस्से को दबाते हुए  फ़िर बोले "सज्जनो",  उस आदमी ने फ़िर से बोल दिया  "उऊऊ" , कथावाचक जी से रहा नही गया और बोले "अन्न खाते हो या गू"
उस दिन से उस आदमी ने शायद कीसी को भी "उऊऊ" करके उत्तर नही दिया होगा. (अन्न means अनाज)