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Nanda Bhagwati Temple Pothing (Bageshwar) माँ नन्दा भगवती मन्दिर पोथिंग-बागेश्वर

Started by विनोद सिंह गढ़िया, September 30, 2010, 12:50:07 AM

विनोद सिंह गढ़िया



पोथिंग में भगवती माता का यह स्थल 'तिबारी' कहलाता है। यहाँ हर वर्ष भाद्रपद की नवरात्रियों माँ का जागरण होता है। हर एक साल बाद यहाँ 'आठों' एवं 'सौपाती' पर्व बारी-बारी से मनाया जाता है। 'आठों' के समय तिबारी में 7 रात का जागरण होता है और आठवें दिन मुख्य मंदिर 'डुबारा' में माँ की पूजा अर्चना होती है। 'सौपाती' के अवसर पर तिबारी में 6 रात का जागरण होता है और सातवें दिन मुख्य मंदिर में पूजा का आयोजन होता है। भगवती मंदिर पोथिंग के पुजारी गाँव के ही 'दानू' एवं 'कन्याल' परिवार के लोग होते हैं।


पोथिंग में माँ भगवती पुरुषों में अवतरित होती हैं, ये लोग दानू होते हैं। साथ ही कन्याल लोगों में 'लाटू' देवता का अवतरण होता है। 


Devbhoomi,Uttarakhand



विनोद सिंह गढ़िया

माँ नंदा भगवती मंदिर पोथिंग में भगवती की मूर्ति के लिए कदली वृक्ष लाते देव डंगरियों का दल ।



दिनांक 16/07/2012 यानि हरेला के दिन पोथिंग स्थित भगवती मंदिर में उतरोडा गाँव से  कदली वृक्ष (दूध केले का पेड़) लाया गया। इस दिन से पोथिंग भगवती मंदिर में होने वाली पूजा जिसे 'आठुं'  के नाम से जाना जाता है की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। भादो की सप्तमी के दिन इस पेड़ को काटकर अष्टमी के दिन इस पेड़ द्वारा माँ नंदा भगवती की मूर्ति बनाई जाती है।



विनोद सिंह गढ़िया



हरेला पर्व पर भगवती में पोथिंग में केले का पेड़ रोपने जाते देव-डंगरिये और श्रद्धालु

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Bahut badiya photo Gariya ji.

Quote from: विनोद सिंह गढ़िया on July 28, 2012, 02:35:38 AM


हरेला पर्व पर भगवती में पोथिंग में केले का पेड़ रोपने जाते देव-डंगरिये और श्रद्धालु

विनोद सिंह गढ़िया




पोथिंग गाँव में आठूँ पर्व के लिए माँ भगवती की मूर्ति निर्माण हेतु लगाया गया कदली वृक्ष।