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Garhwali Poems by Balkrishan D Dhyani-बालकृष्ण डी ध्यानी की कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 03, 2011, 12:06:15 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बाबा डंणडा नागरराजा जय

चला दर्शनों को जोंला उंचा पहाड़
बाबा डंणडा नागरराजा  से भेंटी ऊँला
पौड़ी गढ़वाल बस्युं प्रचीन मंदिर 
बाबा की गुफा दर्शन करी ऊँला

जय बाबा डंणडा नागरराजा   जय बाबा डंणडा नागरराजा
भक्तों  बोला जागृत बाबा  नागर जात की जय   
जय बाबा डंणडा नागरराजा जय बाबा डंणडा नागरराजा

बाबा बार मा एक कथा प्रसिद्धच 
भिनडयाँ  बरस पैली की बातच
मंदिर को निर्माण कार्या चलणु छा
तिन दोट्याल  ध्याड़ी पर लग्याँ छा .

जय बाबा डंणडा नागरराजा   जय बाबा डंणडा नागरराजा
भक्तों  बोला जागृत बाबा  नागर जात की जय   
जय बाबा डंणडा नागरराजा जय बाबा डंणडा नागरराजा

उन दोट्यालोँ का मन मा पाप आई 
पिताल का बड़ा बड़ा घंटा देखी की उंको काल आई 
एक रात वो वखी रुकग्याँ 
पंडित जी महराज  संध्या को आपरा घर चल ग्याँ

जय बाबा डंणडा नागरराजा   जय बाबा डंणडा नागरराजा
भक्तों  बोला जागृत बाबा  नागर जात की जय   
जय बाबा डंणडा नागरराजा जय बाबा डंणडा नागरराजा

पितला घंटा चुराणा कोंन जाणी हाथ लगाई 
तिन दोट्यालl रत भर घंट दगड़ चिपकी ग्याई
सवेर सवेर पंडित महराज जी अगमान वहाई
दोट्यालोँ थै घंडू दगडी चिपकी  पाई 

जय बाबा डंणडा नागरराजा   जय बाबा डंणडा नागरराजा
भक्तों  बोला जागृत बाबा  नागर जात की जय   
जय बाबा डंणडा नागरराजा जय बाबा डंणडा नागरराजा

दोट्यालोँ  णी  छामा  याचना  कैरी 
अपरी करनी भूल पर बाबा डंणडा नागरराजा  चरणी शीश झुकाई 
पंडित महराज ने बाबा डंणडा नागरराजा   पूजा कैरी की 
उन थै बंधन मुक्त  कराई जी

जय बाबा डंणडा नागरराजा   जय बाबा डंणडा नागरराजा
भक्तों  बोला जागृत बाबा  नागर जात की जय   
जय बाबा डंणडा नागरराजा जय बाबा डंणडा नागरराजा

चला दर्शनों को जोंला उंचा पहाड़
बाबा डंणडा नागरराजा से भेंटी ऊँला
पौड़ी गढ़वाल बस्युं प्रचीन मंदिर 
बाबा की गुफा दर्शन करी ऊँला

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Naveen Uniyal and 48 others. Photo: बाबा डंणडा नागरराजा जय चला दर्शनों को जोंला उंचा पहाड़ बाबा डंणडा नागरराजा  से भेंटी ऊँला पौड़ी गढ़वाल बस्युं प्रचीन मंदिर बाबा की गुफा दर्शन करी ऊँला जय बाबा डंणडा नागरराजा   जय बाबा डंणडा नागरराजा भक्तों  बोला जागृत बाबा  नागर जात की जय जय बाबा डंणडा नागरराजा जय बाबा डंणडा नागरराजा बाबा बार मा एक कथा प्रसिद्धच भिनडयाँ  बरस पैली की बातच मंदिर को निर्माण कार्या चलणु छा तिन दोट्याल  ध्याड़ी पर लग्याँ छा . जय बाबा डंणडा नागरराजा   जय बाबा डंणडा नागरराजा भक्तों  बोला जागृत बाबा  नागर जात की जय जय बाबा डंणडा नागरराजा जय बाबा डंणडा नागरराजा उन दोट्यालोँ का मन मा पाप आई पिताल का बड़ा बड़ा घंटा देखी की उंको काल आई एक रात वो वखी रुकग्याँ पंडित जी महराज  संध्या को आपरा घर चल ग्याँ जय बाबा डंणडा नागरराजा   जय बाबा डंणडा नागरराजा भक्तों  बोला जागृत बाबा  नागर जात की जय जय बाबा डंणडा नागरराजा जय बाबा डंणडा नागरराजा पितला घंटा चुराणा कोंन जाणी हाथ लगाई तिन दोट्यालl रत भर घंट दगड़ चिपकी ग्याई सवेर सवेर पंडित महराज जी अगमान वहाई दोट्यालोँ थै घंडू दगडी चिपकी  पाई जय बाबा डंणडा नागरराजा   जय बाबा डंणडा नागरराजा भक्तों  बोला जागृत बाबा  नागर जात की जय जय बाबा डंणडा नागरराजा जय बाबा डंणडा नागरराजा दोट्यालोँ  णी  छामा  याचना  कैरी अपरी करनी भूल पर बाबा डंणडा नागरराजा  चरणी शीश झुकाई पंडित महराज ने बाबा डंणडा नागरराजा   पूजा कैरी की उन थै बंधन मुक्त  कराई जी जय बाबा डंणडा नागरराजा   जय बाबा डंणडा नागरराजा भक्तों  बोला जागृत बाबा  नागर जात की जय जय बाबा डंणडा नागरराजा जय बाबा डंणडा नागरराजा चला दर्शनों को जोंला उंचा पहाड़ बाबा डंणडा नागरराजा से भेंटी ऊँला पौड़ी गढ़वाल बस्युं प्रचीन मंदिर बाबा की गुफा दर्शन करी ऊँला एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत1Like ·  · Share

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

हिट्ले दी

हिट्ले दी दगडया सरा सरी ज़ोंला
पंतेद्र भतेक पाणी सरी ऊँला

पाणी उन्तुं च्यूं  बाबाजी तिस मिटोला
रुलों मा जाकी दोई डाणी हिन्शोलों की टीपी ऊँला
हिट्ले दी दगडया सरा सरी ज़ोंला
पंतेद्र भतेक पाणी सरी ऊँला

उंदुर का बाटा मा भागी भागी ज़ोंला
उकालों ऐदा वकत बैठी बैठी ऊँला
हिट्ले दी दगडया सरा सरी ज़ोंला
पंतेद्र भतेक पाणी सरी ऊँला

मेरा गड्देशा कु ठंडो मीठू पाणी
पाणी गाला मा जांद ही तिस बोझे जंद
हिट्ले दी दगडया सरा सरी ज़ोंला
पंतेद्र भतेक पाणी सरी ऊँला

चल दोउडी की रूमका पडी घर आण
णी तर बोई को कब्लाहट शरू जंद
हिट्ले दी दगडया सरा सरी ज़ोंला
पंतेद्र भतेक पाणी सरी ऊँला

हिट्ले दी दगडया सरा सरी ज़ोंला
पंतेद्र भतेक पाणी सरी ऊँला

एक उत्तराखंडी

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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

सेवा भाव में मेरे हरी बसे

देखा उनको उदास तू मै रो दिया
दिया नहीं किसी ने साथ तू मै चल दिया
फितरत ही ऐसी है बनी इस कया की
पल पल बदलती रहती है छाया सी
देखा उनको उदास तू मै रो दिया
दिया नहीं किसी ने साथ तू मै चल दिया

आप का ध्यानी
देव भूमि बद्री-केदार नाथ

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मोबाईल मा दल्कनी

मोबाईल मा दल्कनी खाणी
बोई ब्वारी बेटी भूली
यकुली च यकुली गाणी
देख अपरों को रुबाब
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........

मोबाइल बजणुय रिंग रिंग
बोई की जिकोडी कैग्याई धक धक
पिताजी परदेश भतेक फोन करणा
रिंगा धुन बोलणी पिताजी च छन
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........

बोईल अब हैलो बुलोण
पिताजी भैर भातेक अन्यास बणन सिंह
बोई की मोल झोल कड़ी बीती दिन
गुडी बणीकी बात च सुणन हूँ हूँ
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........

पिताजी बेफिजूल मा बिगड़णा
बोई बस मोंडा हिलाण हिन् हिन्
रैबार बस यख सब ठीख छन बोईल इत्गा बोलण
पिताजी सरू मुंडेरु बोई मा उकलण
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........


बाबाजी की जब भी मोबिईल बाजी
बोईल झट झट सर सर उठन
पिताजी मेरा बोईल एक बेल आराम भी णी मिलण
आराम कैरकी उठया होला बोई फिर फजल कु उठन
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........


मोबाईल मा दल्कनी खाणी
बोई ब्वारी बेटी भूली
यकुली च यकुली गाणी
देख अपरों को रुबाब
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........


एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बिरडी

बिरडी गैनी ....२
वो बाटा
वो थाटा
वो मयारू लाटा
बिरडी गैनी ....२

कु लगाणी धयीं
कैमा लगाणी  छुंयीं
सब बिसरी गैण
बस घुमाण को ऐणा
बिरडी गैनी ....२

फूटो खीचै की
दुखडी सींची की
आपरू थै खींचै की
चली गै ण
बिरडी गैनी ....२

छुडीकी गैणा
यकुली कैणा
दिन रात इनी गैणा
बारामास की रैणा
बिरडी गैनी ....२

तिर तीर कैकी चुलीगैणा
जिकोड़ी थै भूली गैणा
अब आण कब तिल
ऐ आश भी टूटी गै ण
बिरडी गैनी ....२

बिरडी गैनी ....२
वो बाटा
वो थाटा
वो मयारू लाटा
बिरडी गैनी ....२

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बालकृष्ण डी ध्यानीTuesdayतेरी पैजणी

छम बजणी पैजणी वा पैजणी
छ्म छ्म छ्मा छ्म ..२
छम बजणी पैजणी वा पैजणी
याद तेरी ऐगे सुवा ...२ जब बजी पैजणी
छम बजणी पैजणी वा पैजणी छम बजणी छम बजणी

एक बाता की दोई बाता दोई की तीन बाता
बाता बाता ओर एक बाता आ हा आ हा .....
बुरंस खिलाँणा वख माथा वख माथा मा
हिलंसा उडी दूर आकाशा मा
तेरी खुद खुदान खुदेडी कैकी बजदी पैजणी
छम बजणी पैजणी वा पैजणी
याद तेरी ऐगे सुवा ...२ जब बजी पैजणी
छम बजणी पैजणी वा पैजणी छम बजणी छम बजणी

रीटा रीटा यख छाल पल्या छाल गददेश रीटा मेरु
जखम भी देखा रीटा गढ़देश मेरु आ हा आ हा ......
अटैची मुंड मा धारी की सर सरी जाणू कोई
बैठूंयूँ छों मी अब परदेशा का घार
क्दगा ऋतू ऐंणी गैणी तेर पैजणी फिर भी बजणी
छम बजणी पैजणी वा पैजणी
याद तेरी ऐगे सुवा ...२ जब बजी पैजणी
छम बजणी पैजणी वा पैजणी छम बजणी छम बजणी

रुल्यों पाणी नीच सुखीगै ,डैम को डम भरीगे
बिजली गैणी तिस णा बुझैणी देशा मा आ हां आ हा .....
याला पार पल्या पार तेरी खुटली ही हिटणी
खैरी विपदा यकुली सारेणी
गढ़देशा की बेटी बावरी बजंण दे तेरी पैजणी
छम बजणी पैजणी वा पैजणी
याद तेरी ऐगे सुवा ...२ जब बजी पैजणी
छम बजणी पैजणी वा पैजणी छम बजणी छम बजणी

छम बजणी पैजणी वा पैजणी
छ्म छ्म छ्मा छ्म ..२
छम बजणी पैजणी वा पैजणी
याद तेरी ऐगे सुवा ...२ जब बजी पैजणी
छम बजणी पैजणी वा पैजणी छम बजणी छम बजणी

बालकृष्ण डी ध्यानी
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बालकृष्ण डी ध्यानीOctober 29मै चोर हूँ

जिगरा है कंहा सब कुछ छुपा हुआ
पन्ना खुला फिर भी सब कुछ मिटा हुआ
कैसा खेल है ऐ पहले से मै हरा हुआ
साफ सुथरी छवी मेरी बाहर से 
अंदर चोर छुपा हुआ
मै चोर हूँ

देश को लुटा है मैंने
कंहा कंहा छुपा कर रखा है मैंने
घपला किया है बड़ा फिर भी तना हूँ  मै
झुक नहीं हूँ मै उठा खडा हों मै
होगी दो चार दिन तमाश
बाद मै फिर घपलों से जुडा हूँ मै
मै चोर हूँ

किसी ने लिखा नहीं हाथ मै
पकड़े जाने बाद भी खुला हूँ मै
अपंगों से चोरी की मैंने पदनोती का हकदर हूँ मै
लुट लुटकर कैसा भरा हूँ
आंखों मै काला चश्मा डालकर 
सबसे अब तक बचा हूँ मै
मै चोर हूँ
   
 
  एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
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बालकृष्ण डी ध्यानी
October 27
मोबाईल मा दल्कनी

मोबाईल मा दल्कनी खाणी
बोई ब्वारी बेटी भूली
यकुली च यकुली गाणी
देख अपरों को रुबाब
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मोबाइल बजणुय रिंग रिंग
बोई की जिकोडी कैग्याई धक धक
पिताजी परदेश भतेक फोन करणा
रिंगा धुन बोलणी पिताजी च छन
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........

बोईल अब हैलो बुलोण
पिताजी भैर भातेक अन्यास बणन सिंह
बोई की मोल झोल कड़ी बीती दिन
गुडी बणीकी बात च सुणन हूँ हूँ
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........

पिताजी बेफिजूल मा बिगड़णा
बोई बस मोंडा हिलाण हिन् हिन्
रैबार बस यख सब ठीख छन बोईल इत्गा बोलण
पिताजी सरू मुंडेरु बोई मा उकलण
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........


बाबाजी की जब भी मोबिईल बाजी
बोईल झट झट सर सर उठन
पिताजी मेरा बोईल एक बेल आराम भी णी मिलण
आराम कैरकी उठया होला बोई फिर फजल कु उठन
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........


मोबाईल मा दल्कनी खाणी
बोई ब्वारी बेटी भूली
यकुली च यकुली गाणी
देख अपरों को रुबाब
मोबाईल मा दल्कनी खाणी ...........


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बालकृष्ण डी ध्यानीMonday
कसाब को 'डेंगू' की ख़बर पर लोगों ने लिए चटकारे
कसाब को मौत की सजा हो चुकी है


डेंगू तुम लगे रहो हम तुम्हरे साथ में .....

मुंबई हमलों के सिलसिले में पकड़े गए चरमपंथी अजमल आमिर कसाब को डेंगू होने की खबर पर लोगों ने सोशल मीडिया वेबसाइटों पर खूब चटकारे लिए.


हालांकि बाद में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कसाब को बुखार जरूर है जिसका कई दिनों से इलाज चल रहा है मगर उन्हें डेंगू नहीं है.


समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा, "कसाब का कई दिनों से बुखार का इलाज चल रहा है. कहीं उन्हें डेंगू न हो, ये जानने के लिए जेजे अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने कसाब के तीन टेस्ट किए, जो नकारात्मक रहे."


पुलिस अधिकारी के अनुसार पुलिस कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती थी. बताया जाता है कि कसाब पर इलाज का असर हो रहा है.


डेंगू पर चटकारे
लेकिन कसाब को डेंगू न होने की खबर आने से पहले लोगों ने सोशल मीडिया में मुद्दे पर जम कर टिप्पणियां कीं.


जाने माने फिल्मकार कुणाल कोहली ने ट्वीट किया, "कसाब को डेंगू हो गया है. यहां तक कि मच्छर भी अब इंतजार करते-करते थक गए हैं कि सरकार उसे कब फाँसी देगी. इसलिए उन्होंने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया."


अपनी कॉमेडी से लोगों का मनोरंजन करने वाले परेश रावल भी नहीं चूके. उन्होंने ट्वीट किया, "क्या? कसाब को डेंगू हो गया है. आशा है कि सब कुछ अच्छा होगा. एम्स से पांच वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम बुलाई जानी चाहिए. देवा, कसाब के लिए नहीं, मच्छरों के लिए."


आम लोग भी इस मामले में पीछे नहीं रहे हैं. रनवीत सिंह फेसबुक पर लिखते हैं, "कसाब को डेंगू हो गया है. उस मच्छर को तो भारत रत्न दिया जाना चाहिए." वहीं तरुण गर्ग ने अपने ट्वीट में उस मच्छर को पद्म भूषण का दावेदार बताया है.


'राष्ट्रीय कीट मच्छर'
आकाश यादव ने ट्वीट किया है, "अगर कसाब की डेंगू से मौत हो जाती है तो डेंगू मच्छर हमारा राष्ट्रीय कीट होना चाहिए."


अमित अग्रवाल की फेसबुक पर टिप्पणी है, "जो काम एक सरकार नहीं कर सकी, वो मच्छर कर सकता है."


'मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमर' नाम से बनाए गए ट्विटर अकाउंड की टिप्पणी है, "अखिल भारतीय मच्छर संघ ने उस राष्ट्रीय नायक का नागरिक अभिनंदन करने का फैसला किया है जिसने कसाब को काटा."


फेसबुक पर अबीर मुखर्जी ने कहा है, "वादा करता हूं कि आज से ऑल आउट इस्तेमाल करूंगा, कसाब से नहीं डरते तो मुझसे क्या डरेंगे"


वहीं हर्ष गुप्ता का ट्वीट है, "बच गया कसाब. डेंगू नहीं है, सिर्फ बुखार है."


मुंबई हमलों के सिलसिले में कसाब को फांसी की सजा मिल चुकी है और फिलहाल उन्होंने राष्ट्रपति के सामने दया की याचिका दे रखी है.