• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Kumauni & Garhwali Poems by Various Poet-कुमाऊंनी-गढ़वाली कविताएं

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 05, 2011, 12:00:34 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Dinesh Dhyani
February 21 at 5:49pm
अंतराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस की सब्यों तैं हार्दिक बधाई.
अपणी बोली, अपनी भाषा
लिखा पढ़ा, अग्नै बढ़ा।
बोली को विकास करा
गढ़वाली -कुमाँऊनी अर जौनसारी तैं
संविधान की ८ वीं
अनुसूची म सम्मान दिलावा।
आवां सभी मिल जुलिकी
भाषा को मान बढ़ावा।
दिनेश ध्यानी। २१/२/१६।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dinesh Dhyani
February 16 at 5:31pm
गंडेळ
गंडेळ ड्यारादूण गै
मुख्यमंत्री थैं मीलिकि वैन
आरजू कै,
माराज! राज्य का बान
वर्षों तक मिन बि आन्दोलन काई,
भूख-तीस सै अर
अपणि ज्वानि खपाई,
पण अमणि आन्दोलनकार्यों कि लिस्ट म
म्यारू नौ किलै नि आई?
मुख्यमत्री न बोलि,
बल! भै जिलौं बिटेकि जौं-जौं कु
नौ हमरू पास आई,
तौं थैं हमुन झट से
आन्दोलनकारि घोषित काई,
त्यरू नौ जब कैन नि ल्याई
त त्वी बथौं, त्वैथैं हमुन
आन्दोलनकारी कनम मनणु छाई?
मुख्यमत्री बात सूणी
गंडेळ सन्न रैग्याई,
वै कु बरमण्ड चकरै ग्याई,
खैरि खयांकु सी परिणाम ह्वाई?
वो सोचम पोड्ग्यिाई,
राज्य क बान खैरि हमुन खै
ज्यान अपणि वों शहीदौं न खपै
अर
अमणि न त शहीदौं का
सुपिन्या पूरा ह्वाई,
न हम जनौं कु क्वी पुछदरू राई।
गंडैळ समझि ग्याई,
कि, ये राज्य म बि भाई-भतीजावाद अर
भ्रष्टाचार नेतौं अर अफसरौं कि
नस-नस म भ्वरे ग्याई,
सैद च, तौं कु ल्वै कु पाणि बणि ग्याई
तबी त, कैकु त्याग अर बलिदान
तौं थैं दिखेण नि मराई।
वो सोचम पोडि़गे कि
हे! भगवान
जब राज्य बणणा का बाद
बि तन्नि भाई -भतीजावाद अर
भ्रष्टाचार ही होणु छाई
त,हमुन उत्तराखण्ड क्यां खुणि बणाई?
दिनेश ध्यानी। कवि/ साहित्यकार.16, फरवरी, 2016।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

आज भी मीतै गौं की
याद भौत आंणी च
बल्दु की जोडी अपडी
लैंदी गौडी याद आंणी च
आज बी मीतै गौं की
जंदर्युं क घुंघ्याट
गदन्युं कु सुंस्याट
बसकल्या हरच्यां गोरु की
घंडुल्युं की याद आंणी च
आज मीतै गौं की
म्वाल लगयीं जुगयीं लोखु की
चुरयीं ककडी याद आंणी च
दिल्ली छौं फ्लैटु मा पड्युं
बुये की धै सुंण्यांणी च
आज मीतै गौं की
याद भौत आंणी च
खल्यांणु मा बल्द रिटांण की
दां ल्यांण की याद आणी च
कांधा मा जु धरीक
गल्यों तै पैटांण की याद आंणी च
आज मीतै दीदों गौं की
भौत याद आंणी च
सर्वाधिकार सुरक्षित@लेख..सुदेश भट्ट(दगडया)फोटो साभार सत्येस्वर प्रसाद जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

‪#‎गथु‬ सी कुट्युं छै
अल्लु सी थिंच्यु छै
म्यार मुल्क मा यैकी खली
अदमरु पडयुं छै
तु दलीप राणा ही खुब छै रे
किलै बंणी खली
अपर नौ कमांण कुन जौंन
त्वै कुटै दिया खली
गथु सी कुट्युं छै
अल्लु सी थिंच्यु छै
खली की आड मा लोग
कमांण चैंदिन नाम
समली क रै दादा नीथर
मौ लगी जाली घाम
हमरी बांजी फांग्यु क
बुट्या उपाड दे खली
आपदा क ढुंगो तै
उंद फरकै दे खली
युं नरबैग्युं की चाल मा तीन
सौल सी घिरये जांण
यी राल सत्ता मा चुर
त्यार नौनु न छुरये जांण
देश बिदेश मा तीन
नाम कमाई खली
म्यार मुलुक यैकी नरबै
तु गथु सी कुटे गे खली
अरे नरबैग्युं बुलांण ही छ्या त
कै हल्या तै बुलांद
बांजी फांग्यु मा हल
कखी डाल लगांद
गथु सी कुट्युं छै
अल्लु सी थिंच्यु छै
तेरी यीं पीडा मा हम
तेरी दगड छ्या खली
कल्यो देकी लखोला त्वै
त्यार सिरमौर हे खली
अरे शुरबीरों की धरती मा
तेरी थिंच्वाणी बणी ग्या खली
युं नरबैग्युं तै त शरम नी
नाक कटै द्या खली
गथु सी कुटयुं छै
अल्लु सी......
खली@लेख..सुदेश भट्ट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

‪#‎हिमालय‬ बचेगा तो
जीवन बचेगा
मानव का जीवन
फूलों सा खिलेगा
धडकन है तेरी
हिमालय हे मानव
धडकन को रुकने से
बचा ले तु मानव
हिमालय रहेगा तो
खुशहाली होगी
नदियां बहेंगी तो
हरियाली होगी
चारों ओर आलम
खुशियों का होगा
श्वेत चादर ओढे
जब हिमालय होगा
बचा ले तु मानव
हिमालय को अपने
स्वर्ग यैसा फिर
कहीं ना मिलेगा
हिमालय बचेगा तो
जीवन........
सर्वाधिकार सुरक्षित @लेख..सुदेश भट्ट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मित्रो एक गीत स्थायी दिमाग आया अभी गीत बाकी बंद देखा कब पूरा होला
"'तेरी माया की छु मा
अल्झी ग्यु धागा सी
छुयाल बणि छोरी
तेरी लपेटी छु
धागा रील सी
खुल्दी रै अर मि
अल्झदी रौ
तेरी लोली छुयु मा
अल्झी ग्यु छुयाल बणि"'..........शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Sudesh Bhatt added 3 new photos — with Bharat Rawat and 58 others.
February 27 at 5:03pm ·
‪#‎हिमालय‬ बचेगा तो
जीवन बचेगा
मानव का जीवन
फूलों सा खिलेगा
धडकन है तेरी
हिमालय हे मानव
धडकन को रुकने से
बचा ले तु मानव
हिमालय रहेगा तो
खुशहाली होगी
नदियां बहेंगी तो
हरियाली होगी
चारों ओर आलम
खुशियों का होगा
श्वेत चादर ओढे
जब हिमालय होगा
बचा ले तु मानव
हिमालय को अपने
स्वर्ग यैसा फिर
कहीं ना मिलेगा
हिमालय बचेगा तो
जीवन........
सर्वाधिकार सुरक्षित @लेख..सुदेश भट्ट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Mahendra Mahara
March 1 at 7:32pm
दगड़ियो "मनकि बात मनै में रै"कुमाउनीक पैल गजल सन्ग्रह छु। वली औरन्गाबादी मीर गालिब है बै निदा बसीर बद्र ज्यू ताले लगभग हजार सालैकि उर्दू गजलेकि यात्रा छु । कुमाउनी में मेरि नानि-नानि कोशिश अपु लोगनाक सामणि छु।
जै दिन बै समझदार है गयीं।
उनर ल्हिजी बैकार है गयीं ।।
खामोश हम छी उ बेझरक छी।
बुलै के भैटि खबरदार है गयीं।।
******
हर बात हमर सही हो जरुरी तो न्हा।
हमरे आन्ग मे औतार हो जरुरी तो न्हा।।
गाड़ गध्यार नदी सबै समन्दर समेट ल्यू।
हर कोई समन्दर हो जरुरी तो न्हा।।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


कविता उत्तराखंड की बालकृष्ण डी ध्यानी with Bipin Pant and 138 others.
19 hrs · Manama, Bahrain ·
रूप की तू ख्ज्यानी छे
रूप की तू ख्ज्यानी छे
तू भली देखेनि भाग्यानि रे
तू छे ऊ डाली का फूल .... २
जो बल बारा मैना फूलालि रे
रूप की तू ख्ज्यानी छे
दंत पंक्ति ये उजाळि छे
कन हुली आँखि तै खोज्याली रे
रातों का ऊ गैणों का माळा
देकि ते कया बचणा हुला
रूप की तू ख्ज्यानी छे
में ना पूछ सब तेथे खोजणा छ्या
तेरा रूपा का सब दीवाणा रे
बौल्या बने की मि पुछनि छे तू
तेरो ठौर तेरो कख छ ठिकाणों रे
रूप की तू ख्ज्यानी छे
बारा मैनो की बारा ऋतू छे तू
सोलहा दिसा मां अब तेरो ठिकाणों रे
अंदि जांदी मेर ये स्वास थे तू बोल्दे
कै बाटा कै घार तिल आच जणू रे
रूप की तू ख्ज्यानी छे
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http://balkrishna-dhyani.blogspot.in/search/
http://www.merapahadforum.com/
में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बुरांस फूली लाल मेरो पहाड़ों मा आच
बुरांस फूली लाल मेरो पहाड़ों मा आच... २
ऐग्याई दीदी भूली भूलों बोई की फिर याद मेरो पहाड़
बोई पैठा दे मिथे लेणा कुन झट रैबार
भेजी दे भुला थे जल्द तू म्यारो सौरास
बुरांस फूली लाल मेरो पहाड़ों मा आच... २
दे दे ऊं थे तू मेरो बाडोली मेरो पियार मेरो पहाड़
कन लगणू ये दूर भ्तेक लाल लाल मेरो पहाड़
देक णा कुन तू ऐजा ऐबारी तू मेरो घोर सौंसर
बुरांस फूली लाल मेरो पहाड़ों मा आच... २
रंगमत व्हैकि ऐग्याई बसंत मेरो पहाड़
ढोल दामो की अब छै जाली अब गोँ गोँ ब्यार
सुर्ख लाल ग्लोडी मा देकिले प्रेमा की उल्ल्यार
बुरांस फूली लाल मेरो पहाड़ों मा आच... २
इनि खिल्दा रयां ये बुरांस हर बरसी मेरो पहाड़
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http://balkrishna-dhyani.blogspot.in/search/
http://www.merapahadforum.com/
में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार