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Poems Written by Shailendra Joshi- शैलेन्द्र जोशी की कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 25, 2013, 10:21:23 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मुझ पगली को वो दिन याद है
मुझको वो दिन याद है
मुझ पगली को वो दिन याद है
वो दिन काश फिर मुझ को मिल जा ये ऐसी मेरी फरयाद है
वो सुबह देर से उठना
वो बिस्तर से अंगडाइ ले हुए उठना
वो मम्मी की डांट खाना
वो स्कूल कॉलेज तैयारी मे हडबडाट करना
सभी सहेलियो के साथ स्कूल कॉलेज जाना
वो एक जैसे सूट सिलवाना
एक जैसे से हेयर कटिंग करवाना
कभी दुपट्टटे पर
कभी स्वेटर पर कभी किसी पर तो कभी किसी पर
कभी नेलपोलिश लिपस्टिक क्रिम पर
कभी टीवी सीरियल फिल्मों पर
वो पिकनिक ट्रिप
वो बर्थडे पार्टीया
वो न्यू इयर मस्तीया
नाच वो हँसी
वो फ्रेंड के गिफ्ट वो ग्रीटिंग
क्या थे वो दिन मुझको वो दिन याद है
मुझ पगली को वो दिन याद है

कविता शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नेतो मा अफ्हू कुछ नि रे कुछ हेरोइन का सारा रै नि कुछ हीरो का सारा रै नि  कविता शैलेन्द्र जोशी
कुछ  नाचन वाला लया कुछ गान वाला लया
कुछ  नौटंकी वाला लया
कुई  हीरो पकरी लया कुई  हेरोइन पकरी लया
पर  अबरी का चुनो मा इन नेता पैदा नि होये जो विकाश कु ऐजडा लया
यु  नेता वोलीवूड खुनी समर्पित होया
नेता  भी भींग गी जनता  कु विस्वास नेता से उटगी
इलयही  धार धार नाचन खुनी हीरो हेरोइन लया
नेतो  मा अफ्हू कुछ नि रे
कुछ  हेरोइन का सारा रै नि कुछ हीरो का सारा रै नि
कविता  शैलेन्द्रजोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

चला दी पेटा दी हिटा दी हे जी
मेला लगियु चा जी सैणा श्रीनगर मा जी
मिते चौपड़ वा गोला बाज़ार की घुमादी
बतियों कु मेला चतुद्रशी वैकुंठ कु मेला जी
भक्तो की भीर जी
पुत्र आश मा औत सौजडियो कु खाडू दियू जी
चला वी कमलेस्वर मा जी
मिते फौंदी मुल्य्दी  चूड़ी बिंदी लादी
भली  क्रींम पाउडर बुरुंसी लिपस्टिक मेला की समूण मा ल्या दी
मिते जादू सर्कस बन बनी का खेल तमासा दिखा दी
मिते चर्खी मा बैठे की  घुमा दी
मिते चौपड़ वा गोला बाज़ार की घुमा दी
मिते  सैणा श्रीनगर ले जा दी

                                 कविता शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

अफ्हू का रंग मा रे गे मनखी                        कविता शैलेन्द्र जोशी
दुई आंखी दिनी भालइ देखनि खुनी
दुई हाथ दिनी भला कारिज तय
मुख दे भला बचन बोलन खुनी
दिल दे दिमाग दे सब कुछ दे विधातन
पर मनखी मा सगोर नि रै इत्गा सुन्दर जीबन जिणों
अफ्हू तय आंख से भालू हैका तय बुरु
अफ्हू तय भलई खुनी हैका तय बुराई
अफ्हू तय हिटना भला बटा हैका बाताना कु बाटू
अफ्ह्य तय सुन्न भला बचन हैका तय दीन  गाली
दिल दिमाग हर्ची
अफ्हू का रंग मा रे गे मनखी
                       कविता शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

अफ्हू का रंग मा रे गे मनखी                        कविता शैलेन्द्र जोशी
by Shailendra Joshi 
दुई आंखी दिनी भालइ देखनि खुनी
दुई हाथ दिनी भला कारिज तय
मुख दे भला बचन बोलन खुनी
दिल दे दिमाग दे सब कुछ दे विधातन
पर मनखी मा सगोर नि रै इत्गा सुन्दर जीबन जिणों
अफ्हू तय आंख से भालू हैका तय बुरु
अफ्हू तय भलई खुनी हैका तय बुराई
अफ्हू तय हिटना भला बटा हैका बाताना कु बाटू
अफ्ह्य तय सुन्न भला बचन हैका तय दीन  गाली
दिल दिमाग हर्ची
अफ्हू का रंग मा रे गे मनखी
                       कविता शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नेतो मा अफ्हू कुछ नि रे कुछ हेरोइन का सारा रै नि कुछ हीरो का सारा रै नि  कविता शैलेन्द्रजोशी
कुछ  नाचन वाला लया कुछ गान वाला लया
कुछ  नौटंकी वाला लया
कुई  हीरो पकरी लया कुई  हेरोइन पकरी लया
पर  अबरी का चुनो मा इन नेता पैदा नि होये जो विकाश कु ऐजडा लया
यु  नेता वोलीवूड खुनी समर्पित होया
नेता  भी भींग गी जनता  कु विस्वास नेता से उटगी
इलयही  धार धार नाचन खुनी हीरो हेरोइन लया
नेतो  मा अफ्हू कुछ नि रे
कुछ  हेरोइन का सारा रै नि कुछ हीरो का सारा रै नि
कविता  शैलेन्द्रजोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

अफ्हू का रंग मा रे गे मनखी                        कविता शैलेन्द्र जोशी
दुई आंखी दिनी भालइ देखनि खुनी
दुई हाथ दिनी भला कारिज तय
मुख दे भला बचन बोलन खुनी
दिल दे दिमाग दे सब कुछ दे विधातन
पर मनखी मा सगोर नि रै इत्गा सुन्दर जीबन जिणों
अफ्हू तय आंख से भालू हैका तय बुरु
अफ्हू तय भलई खुनी हैका तय बुराई
अफ्हू तय हिटना भला बटा हैका बाताना कु बाटू
अफ्ह्य तय सुन्न भला बचन हैका तय दीन  गाली
दिल दिमाग हर्ची
अफ्हू का रंग मा रे गे मनखी
                       कविता शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

चुनों दा अंदा बद्री बोलंदा
               आपदा विपदा कख हर्चीं जांदा
कांग्रेश की ठीक नि नीयत
बुबा की कुर्शी मा बेटा साकेत
यी लोक तंत्र च या राज तंत्र
देशकी  राजनीती मा बात होनी विकल्प
पर यी दुई नोऊ छन विफल
वोट देन भै कै दल
जनता टिरी क्या पूरा भारत मा लाचार चा
जनता की दुई तरफ हार चा
  कविता शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मेरा गोंउ होणी रामलीलाकविता शैलेन्द्र जोशी
मेरा गोंउ होणी रामलीला
                    तू भी छोरि ऐ जई
मि   बनलू राम तू बणी जै सीता
आहा मेरा राम तेरु निचा कुछ काम धाम
मुखडी देख ऐना माँ बांदर सी च तेरी अनवार
          कुस्वना बैखो की   फौज च तेरा गोंउ
मै जनि सीता तय फिट नि बैथ्लू कुई राम
पूरा गोंउ की ता क्या देन गरंटी
                   अपनी दे सक दा
मि छो तेरा लैक राम
     तू ही च मेरी सीता
खोज ले छोरा अपना गोंउ का आस पास
मै जनि सीता तुवे जनों नि दे दी घास
          मेरा गोउ होणा नौरता पाठ
होली खुटी  तेरी दैनी देवी सी
रेलू सीता की जग्वाल मा तेरू राम
मेरा गोंउ होणी रामलीला
                    तू भी छोरि ऐ जई
मि   बनलू राम तू बणी जै सीता
                मेरा गोंउ होणी रामलीला
कविता शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

गणपति आय तो रे अगना रचना शैलेन्द्र जोशी
गणपति आय तो रे अगना
           मेरे दुख को हरना
इस सीजन मे एलपीजी मार है
मुजे मैगाइ  से तरना
                    गणपति बब्पा
                 मुस्किल मे ग्राश गप्पा
मैगई हर जगह छाइ
इस बार कोई कमी न रै जा ये तो
                          गणपति बपपा माफ्फ करना
मै रे दुख को हरना
अब के ला या लड्डू दो मैगई मे गय खो
       गणपति मुजे मैगई से तरना
                                   रचना शैलेन्द्र जोशी