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Poems Written by Shailendra Joshi- शैलेन्द्र जोशी की कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 25, 2013, 10:21:23 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मायादारो से बैर ल्यु चा
ऐसु बसंत मा यी बर्खन
रचना .........................शैलेन्द्र जोशी

मन छौ भारी उल्यार
कब आलू बसंत मौल्यार
ऐसु साल बरखणु
बसंत मा बसग्याल
कन्ना कन्ना सुप्नया पालैनी
मायादारोन जाला डाँडो मा
जख खिली होलू फ्योली बुरांस
बैठीकी छवी लगाला तपला बसंती घाम
पर कन्न मोरी चुचा सर्ग कु
बर्ख्णु ऐसु बसंत यी साल
जन लगी हो सौंण भादों सी बसग्याल
उन् त नया जमाना का मायादार छौ हम
घर बैठी जखी कखी मुबेल मिलन ह्वे जालु
पर यी बसंती बसग्याल मा
लोला नेटवर्क भि निहोणया हवेगे यार
मायादारो से बैर ल्यु चा
ऐसु बसंत मा यी बर्खन
रचना .........................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

रुपया चौड़ा होतो
कनुक्वे हो.........................रचना ..शैलेन्द्र जोशी

एक अन्नी
द्वि अन्नी
सब्भी अन्नी
कख गैनी
चवन्नी अठन्नी
कु भी कुछ पता नि
रुपया चौड़ा होतो
कनुक्वे हो
डालर पोंड यूरो का
अगनै रुपया लगणु जीरो
कन्नुक्वे रुपया बणु त हीरो
रुपया एक त मंगत्या
भि नि लेणु
दाता चौडू होतो
कनुक्वे हो
सौ रूपया से तौल
एटियम का कान
पकडया छिन
टुटा छुटटा कुछ ना
छोटी मुठ मा नोट
बड़ा करारा
हजार पांचसौ का
नोट निकलदीन
इन्ना हाल मा
रुपया बाजार मा
चौड़ा होतो
कनुक्वे हो
रुपया मतलब चांदी
लुट खसूट बेमानी
महगाई की आंदी मा
लुटगी सैरी चाँदी
दुनिया ठट्टा लगाणी
पैसा हर्चीकी
कर्ज मा डुबीकी
रुपया गिरू त
कत्गा गिरू
चौड़ा होतो
कनुक्वे हो
रचना .....................................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
March 17 at 8:58pm ·

देणु छौ तुमकु धयै धाद
गडवालियों वेकप
टेक युवर गड्वाली लैंग्वेज
कखी देर नि ह्वे जौ / रचना ...............शैलेन्द्र जोशी

जख हिटला वखा
भासा भि लिजाला
नया नया बिराणा
सब्दो तै भिंगी
भासा का डेरा बसाला
गड्वाली भासा सिर्फ गौ की
किल्हे रौ यु भासा हिट्ली
तुमरा संग संग देश विदेश
तुम नि लिजाला
अपणा साथ
कु करलू फिर भोल
गड्वाली मा बात
जख हो तुमरू मन वखा रा
जखा हिटली तुमारी गात
वखा लिजा भासा भि साथ
देणु छौ तुमकु धयै धाद
गडवालियों वेकप
टेक युवर गड्वाली लैंग्वेज
कखी देर नि ह्वे जौ
रचना ...............शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
March 12 at 12:42pm ·

गिर्दा तुने गीत क्यों लगाये जन के
आन्दोलन तन मन से झुमके
रचना .....................शैलेन्द्र जोशी

गिर्दा तुने गीत क्यों लगाये जन के
आन्दोलन के तन मन से झुमके
यहाँ तो सब नेता बने बैठे है
उगल रहे है दो एक साल मे
सीएम् पद चुमके
यहाँ तो खण्ड खण्ड की लडाई है
बेमतलब मे गढ़कुमायु मे
बढ़ रही खायी है
देहरादून गैरसैंण कभी विवाद
कभी उतरांचल उतराखंड का
नाम पर फसाद
कभी राज्य गीत हो किस भाषा मे
लड़ रहे है राज्य के दो हाथ
सरकार भूल गयी नेगी गिर्दा की जुगलबंदी वाली
शब्द सुर लय ताल की गढ़ कुमायु हुंकार
ईजा ब्वे की नहीं मिट पायी
दुःख खैरी का मुंड भार
क्या इस लिये
गाये यूपी से लडके
गीत उतराखंड के
यहाँ तो सब लड़ रहे है अब घर के
बाहर से लाये जा रहे है राज के बब्बर
भर भर के
गिर्दा तुने गीत क्यों लगाये जन के
आन्दोलन तन मन से झुमके
रचना .....................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

डांडा का बथो मा
चदरी उडू या घघरी
या तिरपाल
यु प्रक्रति प्रेम चा
या गुस्सा स्यु
प्रक्रति ही जाणु
पर सरकारी मेला
का टेंट तिरपाल
मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर
का कारण उड़ना छन त
या दिकत नि दोष चा
चन्द्रवदनी का मेला मा
अगर टेंट हि गिरदु त खाली
क्वी बात नि टेंट कि बांसे बल्ली
गिरी सिधा गीत गांदा नेगी दा का मुंड
भै जै परदेश मा तिरपाल नि थमणा
सरकार से लाखो रुपया खर्च करी
वखा क्या क्या उड़ सकदु
अर क्या क्या गिर सकदु
या त देवभूमि का दयो द्यब्ता
भि नि बतै सकदा
रचना ..........................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
April 2 at 8:48pm ·

मिल देस चली जाण
पर गीत पाड़ मा
रैणा लगाण
मिल सैर बस जाण
पर गीत गौ का लगाण
मिल पंखा ऐसी की
हवा खाण
पर गीत डाँडो की
बथो का लगाण
मिल मिस वर्ल्ड मा टक लगाण
पर गीतों हेरोइन घसैरयो तै बनाण
मिल गीत पाड़ी मा गाण
पर घौर मा हिंदी अंग्रेजी कु
वातावरण बनाण
मिल पाड़ी त खाली
नोऊ कु बन्यु राण
मिल देस मा देसी मा
रंगी जांण
उतराखंड बणगी
भविस्य मा मिल
भी त कुछ इनाम किताब
कमाण पाड़ का नोऊ पर
रचना ..................................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi


वो बडे लोग थे
रचना ...........शैलेन्द्र जोशी


गीत कविता साहित्य
लिखना उनका का
शगल हो गया
जो लोग
साहित्य से
कोसो दूर थे
बस उनका
इतना दोष था
वो बडे लोग थे

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
19 hrs ·

खबर
रचना .......................शैलेन्द्र जोशी


खबर देखी जाती है
या लिखी जाती है
या दिखायी जाती है
ये भी एक खबर है
पता करो बे खबरों

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

 

Shailendra Joshi


उर्जा परदेस
रचना .......शैलेन्द्र जोशी

धर्ती गौ गंगा
डांडू कांठु
हथुन देकी युकु
डाम बणी पाड़ मा
दाता बणी भि
मगत्या रै ग्या
सैरी उर्जा
खपैकी हमरी
परसैंटो मा बिजली
ऐ हमरा जोग
क्या इथे बोल्दन
भै उर्जा परदेस

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
April 9 at 10:55pm ·

पाड़ा सफ़र
रचना ....................शैलेन्द्र जोशी

पाड़ा सफ़र
अधा साफ सड़क
जिकुड़ी होंदी धड़क
भै ढीस बीटी
माटू सरक
मलबा पोड़ी
सड़क लतपथ
तीर भारी भ्योल
इन्न हाल मा
गाड़ी चन्नी सरासर
भग्यान छन
पाड़ा डरैबर
पंसैन्जर
पाड़ा सफर मा
भारी खोप
लगदी डर
सीधा परलोक
दर्शन करांद
यात्रीयों तै
उतराखंड दर्शन