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Tribute To Movement Martyrs - उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि

Started by Anubhav / अनुभव उपाध्याय, October 03, 2007, 02:14:22 PM


Devbhoomi,Uttarakhand

खटीमा गोली काण्ड के सभी उत्तराखंडी सहिदों सत-सत नमन , तथा इसहिदों के बलिदान को उत्तराखंड की सरकार को ध्यान में रखने की अति आवश्यकता है !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

आज  मसूरी काण्ड में मारे गए शहीदों की पुण्य तिथि है !

इन अमर शहीदों को मेरापहाड़ की और से शर्धांजलि!
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Song Uttarakhand State Struggle. By Narendra Singh Negi, listen audio and Enjoy from out mail site.
जाग जाग हे उत्तराखण्डि, हे नरसिंग भैरों बजरंग जाग जाग हे उत्तराखण्डि, हे नरसिंग भैरों बजरंग (कोरस

http://www.apnauttarakhand.com/jag-jag-he-uttarakhandi-jai-bharat-jai-uttarakhand-narendra-singh-negi/

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

 

Dosto,

Today we are remembering Martyrs of Rampur Tiraha Goli Kand.

Merpahad give tribute to those who were killed in police firing.


Vinod Jethuri

आज ही कू दिन २ अक्टूवर सन १९९४ तै प्रथक राज्य उत्तराखन्ड तै "मुजफ़्फ़रनगर कांड" मा अपण प्राण ख्वे देण वाल शहिदो तै श्रधांजली.... ऊ शहिदो की वलिदानी उत्तराखन्ड क ईतिहास मा सदा अमर रालू...... "जय उत्तराखन्ड जय भारत"


सूणा उत्तराखन्ड वासी
तूम सूणी ल्यावा
अपण देवभूमी तै
तूम अगने बढावा

याद करा वे दिन
चराणनवे साल..
दवी अक्टूवर दिन
हवेन कन हाल..


मांग उत्तराखन्ड की हम
जाण छ दिल्ली..
मुज्जफ़रनगर मू पहुंची
चली गेन गोली..


कत्यो बहिणियों की मांग सून
कत्यो मां की गोद सून
लाठी मारी बहिण्यो तै
कत्यो की बहगी खून..


ऊ मां-बहिण्यो तै
हमारू प्रणाम
ऊ शहिदो तै
हमारू शलाम


उत्तराखन्ड कू विकास कला
ईन हम काम कला
देवभूमी पर अपणी
आंच कभी नी औणी दयोला


सूणा उत्तराखन्ड वासी
तूम सूणी ल्यावा
अपण देवभूमी तै तूम
अगने बढावा

विनोद जेठुडी, 02 अक्टूवर 2010, 12:49 AM, Copyright © Vinod Jethuri
www.vinodjethuri.blogspot.com

Devbhoomi,Uttarakhand


विनोद सिंह गढ़िया


रामपुर तिराहा गोली काण्ड में शहीद उत्तराखंडी वीरों को मेरा शत-शत नमन !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को मिले सजा, राजधानी बने गैरसैंण
          जागरण कार्यालय, अल्मोड़ा: मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को दंडित करने   की मांग को लेकर उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी व उत्तराखण्ड लोकवाहिनी ने   चौघानपाटा गांधी पार्क में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर धरना-प्रदर्शन   किया।
उपपा ने प्रात: 8 बजे धरना-प्रदर्शन कर सभा की। पार्टी के केन्द्रीय   अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि मुजफ्फरनगर कांड के प्रभावशाली अपराधियों व   उन्हें संरक्षण देने वाले राजनेताओं को दंडित किया जाना चाहिए। भाजपा व   कांग्रेस जैसे दलों ने उत्तराखण्ड राज्य के खलनायकों को संरक्षण देकर राज्य   की अवधारणा को नेस्तानाबूद करने की साजिश की। उपपा ने मुजफ्फरनगर कांड के   लिए उत्तर प्रदेश के तत्कालीन सरकार व केन्द्र की कांग्रेस सरकार के बीच   सांठगांठ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनंत कुमार सिंह जैसे अधिकारियों   को संरक्षण देने के लिए भाजपा भी पीछे नहीं रही। कांड के 16 वर्षो बाद भी   खलनायकों को दंडित न कर पाने के लिए पूरी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न लगाए।   धरना-प्रदर्शन में प्रदीप गुरूरानी, गोविन्द लाल वर्मा, मोहम्मद शाकिब,   लीला आर्या, कौशल पंत, कलीमउल्ला कुरैशी, वसीम अहमद, अजय तिवारी, मनोज पंत,   अफसार हुसैन, चन्द्रशेखर भट्ट, संजय पथनी, सुनीता शर्मा, हंसा देवी,   लवेन्द्र कुमार गुरूरानी सहित अनेक लोग शामिल थे।
इधर उत्तराखण्ड लोकवाहिनी ने 11 बजे से गांधी पार्क चौघानपाटा में   धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा देने की   मांग की। इससे पूर्व उलोवा के केन्द्रीय अध्यक्ष डा.शमशेर सिंह बिष्ट व   अन्य कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर   माल्यार्पण किया। कहा कि 2 अक्टूबर 1994 को मुजफ्फरनगर में आंदोलनकारी   महिलाओं के साथ जो अमानवीय व्यवहार हुआ उसके दोषी आज भी दंडित नहीं हुए   हैं। इसके अतिरिक्त गैरसैंण राजधानी बनाए जाने की मांग को भी पुरजोर तरीके   से रखा गया। इस मौके पर जगत सिंह रौतेला, जंगबहादुर थापा, दयाकृष्ण   कांडपाल, सुशीला धपोला, कमलेश थापा, विशन दत्त जोशी, हरीश मेहता, रेवा   बिष्ट, शांति शाही, मोहम्मद अनीसुद्दीन, शमशेर जंग गुरंग शामिल थे।
   http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6776537.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

from   Pooran Kandpal <kandpalp@yahoo.com>

नहीं भूलेगा २ अक्टूबर 

हमारे देश के इतिहास में २ अक्टूबर एक महत्वपूर्ण दिन है.
हम सब जानते हैं कि इस दिन दो महान विभूतियों का जन्म
हुआ था.  महात्मा गाँधी जी और लालबहादुर शास्त्री जी.  एक का
नारा अमन एक का जय जवान जय किसान.  दोनों ही हमारे
देश के लिए इतना कुछ कर गए जो भुलाये नहीं भूलेगा.

२ अक्टूबर उत्तराखंड के जख्मों को भी हरा करता है. इस दिन
१९९४ में राष्ट्र-प्रहरियों की जननी उत्तराखंड की नारी का अक्षमनीय
अपमान हुआ. वर्दीधारी भेड़ियों ने नारी शक्ति का अपमान कर घोर
अपराध किया.  आज तक उन भेड़ियों को सजा नहीं दी गयी.
उत्तराखंड के जनमानस की यह मांग अभी  तक अपूर्ण  है.
मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर आज भी आवाज गूँज रही है--

     दो अक्टूबर चौरानबे की हो रही थी भोर
      रामपुर तिराहे पर मचा भेड़ियों का शोर
      रायी-बगोवाली की चौपाल जग गयी थी
      भेड़ियों के तांडव से जंग छिड़ गयी थी.

      कायरों ने राह में छिप कर घात लगाई
      नारी के अपमान की योजना बनाई
     निर्दोष निहत्थों पर लाठी  बन्दूक चलायी
     सैनिकों की जननी पर क्रूरता बरसाई .

      मैं दुर्योधन दुशासनों के बीच घिर गयी थी
       वर्दी में नरपिशाचों के नीयत फिर गयी थी
      कई कृष्ण आये तब बचाने मेरी लाज
      उनकी मानवता का आज भी ह्रदय पर राज.

       दिल की तमन्ना तब अधूरी रह गयी थी
       कमर में दराती की कमी खल गयी थी
       काश ! उस दिन मेरे हाथ में दराती होती
       हैवानों के चिथड़ों की खबर छपी होती.

                        पूरन चन्द्र कांडपाल

Devbhoomi,Uttarakhand

उत्तराखंड के दसवें साल जिरह पर उत्तराखंड के सहिदों सर्धांजलि
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..उनकी जरा याद करो कुर्बानी
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राज्य स्थापना दिवस के मौके पर विभिन्न संगठनों ने कार्यक्रम का आयोजन किया। महानगर कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस भवन में आयोजित गोष्ठी में राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजली दी। इस दौरान कहा गया कि राज्य बने हुए दस साल हो गए हैं, लेकिन अभी भी उत्ताराखंड की जनता का सपना पूरा नहीं हुआ है।

महानगर अध्यक्ष हरीश विरमानी ने इस मौके पर कहा कि राज्य के लोग अभी भी उत्ताराखंड को एक विकसित राज्य बनने का इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोचना होगा। इस दौरान नवप्रभात, सुबोध उनियाल, दीनू मोहम्मद, शंकर चंद रमोला, महेंद्र बिष्ट, हरपाल शेंट्टी, मधु सेमवाल आदि ने विचार व्यक्त किए।

उत्ताराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच व भाजपा नेताओं ने कचहरी स्थित शहीद स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजली दी। श्रद्धांजली देने वालों में मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, डॉ. धनसिंह रावत, रवींद्र जुगरान, सुभाष बड़थ्वाल, सुशीला बलूनी, मेयर विनोद चमोली, प्रकाश सुमन ध्यानी, मोहन सिंह रावत, ओमी उनियाल आदि मौजूद थे।

वहीं, उत्ताराखंड क्रांति दल ने भाजपा व कांग्रेस पार्टियों द्वारा राज्य का विकास अवरुद्ध करने के विरोध में उपवास के कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान वक्ताओं ने राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों की एक सुर से निंदा की। उन्होंने कहा कि उनकी वजह से स्थापना के दस साल बाद भी राज्य का समुचित विकास नहीं हो पाया है। इसके लिए उन्होंने एक बार फिर से लंबी लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। इस मौके पर केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एपी जुयाल, शीशपाल बिष्ट, एनके गुसाई, धर्मेद्र कठैत, बीपी भंट्ट आदि मौजूद थे।

दूसरी ओर, उत्ताराखंड कौशल्या संघर्ष वाहिनी ने राज्य आंदोलनकारियों के मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन भेजने वालों में सुशीला ध्यानी, रामेश्वरी रावत, पार्वती डोभाल, ज्ञानदेवी, सुलोचना गुसाई आदि शामिल रहीं। दिशा सामाजिक संगठन ने चकराता रोड स्थित कार्यालय पर कार्यक्रम का आयोजन किया। हेल्थ नेटवर्किग सेवा संस्थान ने परेड ग्राउंड में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया, जबकि ग्राम पंचायत मोहकमपुर खुर्द में आम बैठक का आयोजन किया गया। राष्ट्रवाली कांग्रेस पार्टी, इंडियन अंटार्कटिक क्लब, भारतीय शूद्र संघ, अधीक्षण अभियंता सिंचाई निर्माण खंड ने भी स्थापना दिवस मनाया।