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Tribute To Movement Martyrs - उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि

Started by Anubhav / अनुभव उपाध्याय, October 03, 2007, 02:14:22 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


राज्य आंदोलनकारी बाफिला का निधन (10 July 2010)

डीडीहाट: उक्रांद के संस्थापक सदस्य और प्रमुख राज्य आंदोलनकारी बहादुर सिंह बाफिला का निधन हो गया। 78 वर्षीय बाफिला ने अपने गांव पडियाग में अंतिम सांस ली। रविवार को थलघाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

jagmohan singh jayara

"शहीद यशोधर बेंजवाल"

शत्  शत्  नमन आपतैं,
अर राजेश रावत जी कू,
१०, नवम्बर-१९९४ का दिन,
आपन दिनि अपणु बलिदान,
श्रीयंत्र टापू  श्रीनगर गढ़वाल मू,
सुपिनों मा बस्याँ,
पराणु सी प्यारा,
उत्तराखण्ड राज्य का खातिर.

आपकु शरीर अर सुपिना,
तैन्न लग्याँ था अलकनंदा मा,
देखि  होलि आपन,
ज्व अपणा आँखौंन,
औन्दि जान्दि बग्त,
आन्दोलन धरना का बग्त,
जैन अंत समय मा,
दिनि आपतैं जगा,
अपणा विराट हृदय मा.

उत्तराखण्ड राज्य बणि,
सुपिनु साकार ह्वै,
सार्थक ह्वे बलिदान आपकु,
दुःख आज छ मन मा,
आप हमारा बीच होन्दा,
कथगा खुश होन्दा,
आप अर हम,
अर हमारू पराण,
हे स्वर्गवासी,
"शहीद यशोधर बेंजवाल" जी.

रचना: जगमोहन सिंह जयाड़ा "जिज्ञासु "
(सर्वाधिकार सुरक्षित, यंग उत्तराखण्ड, मेरा पहाड़, पहाड़ी फोरम  पर प्रकाशित, १६.७.२०१०)

पंकज सिंह महर

आज खटीमा गोली कांड की 16 वीं बरसी है, इस गोलीकांड में उत्तराखण्ड के ८ क्रांतिकारी पुलिस की गोली का शिकार बने थे।

१ सितम्बर, १९९४ - खटीमा

अमर शहीद स्व० श्री प्रताप सिंह
अमर शहीद स्व० श्री भुवन सिंह
अमर शहीद स्व० श्री सलीम
अमर शहीद स्व० श्री भगवान सिंह
अमर शहीद स्व० श्री धर्मानन्द भट्ट
अमर शहीद स्व० श्री गोपी चंद
अमर शहीद स्व० श्री परमजीत सिंह
अमर शहीद स्व० श्री रामपाल

धन्य हैं आप लोग, आपने हमारे सुरक्षित भविष्य के लिये अपना वर्तमान कुर्बान कर दिया।

मेरा पहाड़ परिवार की ओर से इन अमर शहीदों को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि एवं शत-शत नमन।

जय उत्तराखण्ड!
आज लोग अवगत हों कि इन आठ लोगों में से अमर शहीद स्व० श्री भगवान सिंह सिरोला, सात बहनों के अकेले भाई थे और अमर शहीद स्व० श्री परमजीत सिंह अपने मां-बाप की इकलौती संतान....इन लोगों ने इस बात को अनदेखा कर हमारे स्वर्णिम भविष्य के लिये अपना जीवन न्यौछावर कर दिया।

धन्य है उस मां की कोख, जिसने ऎसे वीर सपूतों को जन्म दिया,

शत-शत नमन एवं अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि।
आप निम्न लिंक पर जाकर भी श्रद्धासुमन  अर्पित कर सकते हैं-

http://www.merapahad.com/15th-anniversary-of-khatima-martyrs/

हुक्का बू

उत्तराखण्ड के अमर शहीदों को विनम्र और अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुये हमारे जनकवि स्व० गिरीश तिवारी "गिर्दा" की कविता के अंश प्रस्तुत करना चाहता हूं-

थातिकै नौ ल्हिन्यू हम बलिदानीन को, धन मयेड़ी त्यरा उं बांका लाल।
धन उनरी छाती, झेलि गै जो गोली, मरी बेर ल्वै कैं जो करी गै निहाल॥
पर यौं बलि नी जाणी चैनिन बिरथा, न्है गयी तो नाति-प्वाथन कैं पिड़ाल।
तर्पण करणी तो भौते हुंनी, पर अर्पण ज्यान करनी कुछै लाल॥
याद धरो अगास बै नी हुलरौ क्वे, थै रण, रणकैंणी अघिल बड़ाल।
भूड़ फानी उंण सितुल नी हुनो, जो जालो भूड़ में वीं फानी पाल।।
आज हिमाल तुमन के धत्यूछौ, जागो-जागो हो म्यरा लाल....!

हिन्दी भावार्थ-

नामयहीं पर लेते हैं उन अमर शहीदों का साथी, कर प्राण निछावर हुये धन्य जो मां के रण-बांकुरे लाल।
हैं धन्य जो कि सीना ताने हंस-हंस कर झेल गये गोली, हैं धन्य चढ़ाकर बलि कर गये लहू को जो निहाल॥
इसलिए ध्यान यह रहे कि बलि बेकार ना जाये उन सबकी, यदि चला गया बलिदान व्यर्थ युगों-युगों पड़ेगा पहचान।
तर्पण करने वाले तो अपने मिल जायेंगे बहुत, मगर अर्पित कर दें जो प्राण, कठिन हैं ऎसे अपने मिल पाना॥
ये याद रहे आकाश नहीं टपकता है रणवीर कभी, ये याद रहे पाताल फोड़ नहीं प्रकट हुआ रणधीर कभी।
ये धरती है, धरती में रण ही रण को राह दिखाता है, जो समर भूमि में उतरेगा, वही रणवीर कहाता है॥
इसलिए, हिमालय जगा रहा है तुम्हें कि जागो-जागो मेरे लाल........!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


अमर शहीदों को सत सत नमन!  आपकी शहादत को हमेशा याद रखा जायेगा !

हेम पन्त

आज खटीमा गोली काण्ड के शहीदों की 16वीं पुण्यतिथि पर वीर सपूतों को हृदय से श्रद्धांजली

विनोद सिंह गढ़िया

अपनी शहादत देकर हमें उत्तराखंड राज्य देने वाले शहीदों को मेरा शत-शत नमन !

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

खटीमा गोलीकांड के शहीदों को शत शत नमन और श्रधांजलि,

सत्यदेव सिंह नेगी

शत शत नमन है मेरा अमर शहीदों को
हम कसम खाते हैं की आपका बलिदान जाया नहीं जायेगा
पहाड़ी राज्य की राजधानी को गैरसैण लेके ही जायेंगे
आपका बलिदान हमें भी इस बलिदान की दहलीज तक ले के जायेगा

KAILASH PANDEY/THET PAHADI

Khatima Goli kaand ke shahidon ko haardeek shridhanjali....


Jinhone apani shahadat dekar hame hamari pahchan di... kaash enn veer saputon ke liye kuch kar paate.