देव भूमि बद्री-केदार नाथ
गढ़ व्यथा
खैरी खैरी विपदा विपदा
मेर दगडी दगडी सदणी
मी अगणे अगणे हीट दो
ये पीछाणे पीछाणे आंदी
खैरी खैरी विपदा विपदा ......
म्यार मण का अंशुं
दडमण दडमण भीगा
गला मा फंसुं तासुं
जीकोडी मेरा तिशा
खैरी खैरी विपदा विपदा ......
डैभरा जण हर्ची मी
बोकटया जण कटी मी
भगवती का चरणु पडी
कणगुँडा पाणी खोल्याई
खैरी खैरी विपदा विपदा ......
पुन्गाड जण बांज पड़युं
हीम जण मी जमयुं
रोल्युं गदनयुं जण रीट होयुं
डंडा जण उजाड पड़युं
खैरी खैरी विपदा विपदा ......
खैरी खैरी विपदा विपदा
मेर दगडी दगडी सदणी
मी अगणे अगणे हीट दो
ये पीछाणे पीछाणे आंदी
खैरी खैरी विपदा विपदा ......
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
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