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Idioms Of Uttarakhand - उत्तराखण्डी (कुमाऊँनी एवं गढ़वाली) मुहावरे

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 25, 2007, 05:14:02 PM

Dinesh Bijalwan

इस्का एक पर्यायवाची  मैने भी बना डाला राजन भाई

अफ्वी फौजी अफ्वी कमानडर

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

" पितरो करी नातर कै लागो "

मतलब :  पितरो का किया पुण्य, उनके आने वाली कई पीड़ीयो के फलदायक होती है ![/size][/b]

हेम पन्त

अनाला कि चोट कनाला पङनु
(अनुवाद-यहां की चोट वहां पङना)

मतलब - किसी काम का अप्रत्याशित परिणाम निकलना

हलिया

चेली थैं कूनो, ब्वारी थैं सुणौनो | 

d c Bhatt

कुछ मुहावरे याद आ रहे है!
"जैकी जो न उक को न"
"की शोकेली खया की रोगेली खया"
"खोदा पाहार निकला चूहा"
धीरेन्द्र भट्ट

MR. M.S. NEGI

Mehta Ji namaskaar, and namaskaar to all the mambers of MERA PAHAR FORUM. I  am verry happy to see this forum about our uttarakhand and want be part of this forum.

M.S. NEGI

Lalit Mohan Pandey

जैको को नै, उको भगवान. (जिसका कोए नही होता उसका भगवान होता है)

एकली परानी जा टोपिरयो  (अकेला आदमी कही भी चल पड़े)

Dinesh Bijalwan

ग्वैर छोरा की पान्त दूर दूर गै, ग्वैर छोरा रोन्दू रोन्दू गै- जब काम आसन हो तब न करना और जब मुस्किल हो जाए तब रो पीट कर मज बूरी मे करना

Dinesh Bijalwan

मेड्खा चन्दन लाणो-  मेढ्क को चन्दन लगाना- मुस्किल किन्तु महत्वहीन कार्य करना

हेम पन्त

तलि पेट को पानि हलकनु

(किसी काम को लेकर व्यर्थ की चिन्ता करना)