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Idioms Of Uttarakhand - उत्तराखण्डी (कुमाऊँनी एवं गढ़वाली) मुहावरे

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 25, 2007, 05:14:02 PM

पंकज सिंह महर

धपड़ च्याला, सपड़ च्याला

शब्दार्थ- धपड़ कर खाने वाले बेटे सफल होते हैं।

भावार्थ- अभावों के बावजूद मेहनत करने वाला ही सफल होता है।

*धपड़- अनाज की कमी के कारण भोजन में ज्यादा पानी मिला दिया जाता है, जिससे कौर तो बनता नहीं तो हथेली को उसमें भिगोकर चाटा जाता है। इसी प्रक्रिया को धपड़ना कहते हैं। सपड़- सफल।

Lalit Mohan Pandey

"अघानी बामनैस, भैसानी खीर"

मतलब : जिसका पेट भरा हो उसको कितना ही अच्छा भोजन बना हो स्वादिस्ट नही लगता.

पंकज सिंह महर

टुक्क में टर्र

शब्दार्थ-आखिरी सिरे में कड़वा होना

भावार्थ- अंत में काम का बिगड़ जाना

mu_cool

मेयर जस भीना केक ना
साक भीना एक ना
  मेरा जैसा जीजा जी किसी के नहीं और सागे जीजा एक नहीं
बिना बात के आपना बताना   :P

हेम पन्त

न गै में, न गधा में

अर्थ- न गाय में न गधे में.

प्रयोग - इस मुहावरे का प्रयोग किसी ऐसे आदमी के बारे में बताने के लिये  किया जाता है जो किसी काम का न हो, अर्थात निरर्थक आदमी. (जिसकी गिनती न गाय में की जा सकती है न गधे में)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


लाट गोरुक सकुन बाछ
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यानी सरल लोगो की सरल संताने होती है

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


घर में न्हे लूणा दई, चयल के चै गुड दई
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यानी वास्तविक धरातल पर नहीं रहना

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


त्यर पास छन गेडी, सबे कौल मेरी मेरी
त्यर पास नहैतिन गेडी, सब लगाल टेडी टेडी

मतलब : पैसा होने पर सब दोस्ती करने लगते है, पैसा न होने पर पहचानना भी छोड़ देते है !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


पैलाग कयाक द्वी रुवाट क 

Yaani :

परिचय होते ही मांग कर देना!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



जाण ने पचियाँन लगै दिशांण
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यानी परिचय न होने पर अपने को अति घनिष्ट मित्र बता कर घर मे बसेरा करने को तैयार होना !