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Idioms Of Uttarakhand - उत्तराखण्डी (कुमाऊँनी एवं गढ़वाली) मुहावरे

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 25, 2007, 05:14:02 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



सज मजी पौण भुखे रौये
(साजे का मेहमान भूखा रहा)

यानी साझे का काम हमेशा दोखे का होता है!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



कहाँ जे भट भुट कहाँ जे चिडचिड उठ

यानी

कही सोयाबीन (भट) भूने और कही चिटकनी की आवाज

किसी और से कही बात का प्रभाव किसी और पर पड़ना
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Devbhoomi,Uttarakhand

खुटाक ताल उड़न !

       यानी

(पाँव के तले उड़ जाना बहुत दोड़-धूप करना)

Devbhoomi,Uttarakhand

गरीबक बात बूस जस उड़नछ !

     यानि

(गरीब की बातें भूसे की तरह उड़ती हैं,गरीब की बातों को कोई महत्व ने देना)

Devbhoomi,Uttarakhand

पढ़ायो लिखायो जाट !
सोला   दुनी   आट  !!
               यानी
(मंद बुधि को कितना भी सिखाओ ,वह कुछ भी ग्रहण नहीं कर पाता है)

Devbhoomi,Uttarakhand

गढ़वाली लोकोक्तियाँ

१-जाण न पहचाण,भक्क अंग्वाल !

बिना सोचे और समझे  किसी  से अधिक परिचय नहीं बढ़ाना चाहिए !


२-जुओं का डारा घाघरू नि छोडेनदों

सभी कुछ अनुकूल नहीं होता,कुछ प्रतिकूल होने पर भी त्याग न करना

Devbhoomi,Uttarakhand

३-कितला कु नाग अर बिरला को बाघ !

भारी भ्रम हो  जाना

४-नादान की दोस्ती जी कु जंजाल !

अयोग्य या आपात्र ब्यक्ति से काम करवाने पर मुशीबत ही होती है !


५-खेती वैकु जैकू चैणा चमेलो !


भरे पूरे परिवार वाला ब्यक्ति ही सफलतापूर्वक किर्शी कार्य कर सकता है !

Devbhoomi,Uttarakhand

६-काचा चोरबल भेज्या चोरी

काचा आरू ल्यान्हन तोडी !!]

अनुभवहीन ब्यक्ति को उत्तरदायित्व देने पर कार्य ठीक ढंग से नहीं होता !


७-जखी देखि तवा परात

वखी बिताई सारी रात !!

अपनी सुविधानुसार स्वार्थ सिद्ध करना


८-नाक काटी हाथ मा धरयुंच !

मान सम्मान ताक पर रख कर वेसर्म हो जाना !


९-पौणा पूछी पकोड़ी !

अनिच्छा से स्वागत करना


१०-ससुराडी कु जन्वें अर बुखराडी कु बल्द !

अन्धिकिरत सुविधा मिलाने पर उसे न छोड़ना !

Lalit Mohan Pandey

तिति करेली तिति बेली,
जस मतारी उसी चेली.

(जैसे तिति (कडुवी) करेली की बेल भी तिति होती है,  वैसे ही लड़की मै भी उसकी माँ की बुराइए आते है.)
इसको negative sence मै प्रयोग किया जाता है

Lalit Mohan Pandey

जतुक काला, उतुक मेरा बाबाका साला
(अपनी किसी चीज से मिलती हुई, सभी चीजू को अपना समझ लेना.)