• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Idioms Of Uttarakhand - उत्तराखण्डी (कुमाऊँनी एवं गढ़वाली) मुहावरे

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 25, 2007, 05:14:02 PM

Devbhoomi,Uttarakhand

"तीन मनखियों का उन्तीस आँखा"

यानी तीन मनुष्यों की उन्तीस आँखें
अर्थात -शुक्राचार्य की एक ,ब्रह्मा की आठ ,और रावण की बीस आँखें

Devbhoomi,Uttarakhand

"बाँधी क नाचदू,खोली का नि नाचदू"

बंदकर तो नाचता है लेकिन खुला छोड़ने पर नहीं नाचती है
अर्थात -रेई(मथनी)       छांस छोलने के लिए जो सांदन नामक लकड़ी से बनाया जाता है
इसे गढ़वाली रौडी भी कहते हैं , लेकिन रौडी और मथनी में थोड़ा अंतर है!

Devbhoomi,Uttarakhand

"अगड़ी बाबा का खडकी च्याला,फुरफुरिया नाती"

यानी -औघड़ बाबा के सूखे पुत्र और उड़ने वाले पोते
अर्थात -कुँलाई का पैड (चीड के पैड के सूखे पत्ते और बीज )

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


जसी तेरी जियु जाग,
उस में पखौव

जैसे तुम्हारे आशीर्वचन, वैसे मैंने भेट दी

यानी

जैसे व्यौहार करंगे, वैसे फल पाएंगे 

Bindia Bhagat


Devbhoomi,Uttarakhand

बिंदिया जी नमस्ते, बिंदिया जी आपको इन मुहावरों के अर्थ जानने है , आपको कौनसी बोली के अर्थ चाहिए कुमाऊनि के या गढ़वाली के, या फिर दोनों भाषाओँ के अर्थ चाहिए

जय उत्तराखंड

Dinesh Bijalwan

Quote from: devbhoomi on December 26, 2009, 10:34:00 PM
"बाँधी क नाचदू,खोली का नि नाचदू"

बंदकर तो नाचता है लेकिन खुला छोड़ने पर नहीं नाचती है
अर्थात -रेई(मथनी)       छांस छोलने के लिए जो सांदन नामक लकड़ी से बनाया जाता है
इसे गढ़वाली रौडी भी कहते हैं , लेकिन रौडी और मथनी में थोड़ा अंतर है!

-  thanks nice riddle.

हेम पन्त

अभाग्गि कौतिक ग्यो, कौतिके ने भ्यो..

शब्दार्थ - दुर्भाग्यशाली आदमी मेला देखने गया, मेला ही नहीं हुआ.

भावार्थ - जिसकी किस्मत खराब हो उसे कहीं सुख नहीं मिलता, उसकी खराब किस्मत का असर अन्य लोगों पर भी पड़ता है.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


नाक लागुन कौय
कान काटी गौय

यानी - यानी नाक जुड़ना था, कान कट गया !

मताब - एक काम सही करने में दूसरा बिगड़ गया 

Sunil Pandey

"बुयु लुन लगायी , कोसो खाने आई "

सुनील,,,,,,
पिथोरागढ़