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Idioms Of Uttarakhand - उत्तराखण्डी (कुमाऊँनी एवं गढ़वाली) मुहावरे

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 25, 2007, 05:14:02 PM

Anil Arya / अनिल आर्य

" या दोणी छाजेली या  रोली बाजेलि "
यानि कि या तो गे दिखने मई सुन्दर हो या फिर खूब दुधारू हो .. इसका प्रयोग कन्याओं के लिए भी किया जाता है |

Anil Arya / अनिल आर्य

"लाट ग्वोरुक सकुनी बाछ " ..
मतलब कि गरीब परिवार का भागवान एवं सफल बच्चा . 

विनोद सिंह गढ़िया

कहावत : 'जस ब्यु उस बालड़'

शब्दार्थ : जैसा बीज वैसी बाली।

भावार्थ : माता-पिता में जिस प्रकार के गुण होते हैं वही गुण उनकी सन्तान में भी होते हैं।

Anil Arya / अनिल आर्य

" लै कनि चीज ह्याव "
मतलब किसी उपहार स्वरूप दी हुयी वस्तु का तिरस्कार करना .

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बांजकी लकड़ी कयेदी भली
थोकदार की चेली स्येडी भली

मजबूत / बड़े आदमी से सम्बन्ध लाभकारी ही होते है!

विनोद सिंह गढ़िया

कहावत : 'न पटियांक गोपी बामण'
शब्दार्थ : कोई नहीं मिला तो गोपी बामण ही सही

भावार्थ :
नजदीक के आदमी की कोई इज्जत नहीं होती, उसे सिर्फ उस समय काम में लाया जाता है जब कोई भी आदमी काम करने को नहीं मिलता है।

Anil Arya / अनिल आर्य

"सासु लि बुवारि थै कौ, बुवारि लि च्यल थैं कौ, च्यलै लि कुकुर थैं कौ, कुकुरैलि पुछड हिलै दि .
मतलब - किसी सौंपे हुये कार्य को टालना . 

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Satyavachal Gadiya ji :)

Quote from: विनोद गड़िया on March 26, 2011, 03:10:27 AM
कहावत : 'न पटियांक गोपी बामण'
शब्दार्थ : कोई नहीं मिला तो गोपी बामण ही सही

भावार्थ :
नजदीक के आदमी की कोई इज्जत नहीं होती, उसे सिर्फ उस समय काम में लाया जाता है जब कोई भी आदमी काम करने को नहीं मिलता है।


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


तेल थ्वाड, चिप डात भौत

यानी - तेल कम, चिपचिपाहट ज्यादा

- दिखावा करना

Anil Arya / अनिल आर्य

जां कुकुड़ नै हुन वां रात नै ब्यानी ? यानि की किसी भी व्यक्ति या वस्तु के बिना कोई भी कार्य हो सकता है |