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Idioms Of Uttarakhand - उत्तराखण्डी (कुमाऊँनी एवं गढ़वाली) मुहावरे

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 25, 2007, 05:14:02 PM








एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Vinod Pant
June 4 ·
कुमाउनी में कुछ कहावते काफी अच्छी और प्रेरणादायक हैं काफी कुछ सिखाती हैं ये परम्परागत कहावतें काफी बिखरी पड़ी हैं और हजारों की सख्या में होंगी . कुछ कहावतें ग्यानवर्धक तो कुछ रोचक भी होती हैं -
१- गाड़ तरि जांठ नि खेड़न .
२- हगुवाक मुख लै बैठण बणकटियाक मुखलै नि बैठण ( बणकाट - कुल्हाड़ि )
३- मारणीयक जांठ थामी .. बलाणियक कि थामी .
४- च्योल हैगो कैबेर भाग नि खुल जान .
५- स्यैणि चां गाद .. मस्तारि चां लाद ..
६- चोर छैं कौय चोरि कर गुसैं छैं कौय चेताक हये .
७- चेलि हैबेर जवै लाड़ च्यौल हैबेर नाति लाड़ ..
८- हुणी च्यालैकि कानि बाड़ि .. नै हुणी च्यालैकि चानि बाड़ि .

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

1. ख्वारक बाट सुराव खोलण : अति कठिन काम करना
2. हल न मूसल ब्या करण हूँ चल : साधन हीन का बड़ा काम करने की मूर्खता

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Kumaoni -

हिसालु खे बेर किल्मोड़ हगण : (सफ़ेद झूठ) झूठे ब्यवहार का प्रदर्शन