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Poems Written by Shailendra Joshi- शैलेन्द्र जोशी की कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 25, 2013, 10:21:23 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Poiet Shailendra Joshi
August 17
ऐसु बरस म्येरा मुल्क नंदाजात होली
बाराबरस मा नंदाजात अपणा मुलूक बौड़ाली
दीदी भूली नंदा का गीत गाली
ध्याणी अपणा मैत जाली वख नाचली गाली
मै कनी अभागी छोऊ रमियु देस मा मन मेरु पौच्यु हिमालय
नौटी कासुवा ईधा बधाणी की दीदी भूली नंदा गीत गाली
चौसिंघ्या खाडू का पैथर छातोलियो तै लेकी जात्रा का जत्रोई जाला
सेम कोटी भगोती कुलसारी की दीदी भूली नंदा गीत गाली
मेरु मन पौच्यु वख
चैपड़ो नन्दकेसरी फल्दिया गोउ मुन्दोली
कण भैटुली होली अपणी मैत बैटूली
कुरुड़ बाधण वाला भी पौचिया होला नन्दकेसरी
नंदा जात कु कनु मिलन देखा
कुरुड़ दसोली दसमद्वार डोली
गैरोली पाताल पातर नाचोणिया
सिलासमुद्र च्न्दनियाघाट
वख बुग्यालो लोग हिटणा होला
मेरु मन पौचियु वख
घाट माँ कानी भारी करुणा
नंदा मैत से विदा होली
मि अभागी यख परदेश मा खुदेणु छोऊ
रचना शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Poiet Shailendra Joshi
August 23
जैसे कहा जाता है दो बेटों के जुडाव या जोड़ने का कारण माँ है वैसे ही गढ़वाल और कुमायु को जोड़ने वाली माँ नंदा है जो दो मंडलो को अफ़स मे जोड़ती है भाईचारे और प्रेम उन्माद का भी दर्शन है नंदादेवी राजजात जय माँ नंदा ..........................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Poiet Shailendra Joshi
August 24
हम देखते रह गये बस
चाँद न जाने किसके
घर पर सवेरा कर गया
हम मन मे ही
खुसर फुसुर
करते रह गये
न जाने किस गली
किस नुकड़ मे कोई
अजनबी चाँद से
गुफ्तगू कर गया
ये चाँद का अपना हक़ है
वो किस के आकाश मे
चांदनी बिछाये
किस्मत मे तारा
बनना रहा होगा
जो चाँद को देख तो
सकते है पर हो
नहीं सकते
रचना .............शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Poiet Shailendra Joshi
August 23
जो जवानी मे भुल
नहीं करते
वो भुल करते है................राहत इन्दौरी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
August 24
हम देखते रह गये बस
चाँद न जाने किसके
घर पर सवेरा कर गया
हम मन मे ही
खुसर फुसुर
करते रह गये
न जाने किस गली
किस नुकड़ मे कोई
अजनबी चाँद से
गुफ्तगू कर गया
ये चाँद का अपना हक़ है
वो किस के आकाश मे
चांदनी बिछाये
किस्मत मे तारा
बनना रहा होगा
जो चाँद को देख तो
सकते है पर हो
नहीं सकते
रचना .............शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
August 23
कुछ सेल्फी खीचणा मर गिनी
कुछ सेल्फी देखी मर गिनी ...................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नेगी दा का जन्म दिवस मा मिल भी मने प्रेरणा दिवस डाला लगैकी...................शैलेन्द्र जोशी

तिन लगे डाली गीतू की
तिन लगे डाली बिचारो की
तिन लगे डाली संस्कीर्ति की
तिन लगे डाली लोकभासा की
आन बान शान की
ऐशू लगाला जलमदिबस मा
त्येरा नौकी डाली नेगी दा हम भि

रचना .........शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
July 29 ·

छत मे आना गोरी ईद ए चाँद बनके
टूट जा ये रोजा आज तू जे देख के
हम तो तेरे दिदार के लिए
तरस गये है तेरे प्यार के लिए
तीर ए तरकस चुबा बैठे है
दिल ए गुलजार मे
गोरी तेरे प्यार मे
दर्द ए दिवार पर सर टिकया है
घुटन कमरे मे गम ए आसू बहा ये
तेरे प्यार मेईद है गले मिलो मेरे यार
भूल जा ओ तुम लड़की हो हम लडके है
ईद है बस गले मिलो मेरे यार
टूट जा ये रोजा आज तू जे देख के
रचना .... शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
November 14 at 1:36pm ·

जब बीटी खिची मिन अपणी सेल्फी
भोर भोरिक आणा छोरों का कमेंट
क्वी बोल्नु बने दे मिथै अपनी गर्ल फ्रेंड
क्वी बोल्नु बने दे अपनी ब्योली
एक अनार चा सौ बिमार छिन
कै कै कु करू दिल कु इलाज
दिल तू ही बता
ज्वान त ज्वान
बुडिया बि लाइक
करदा म्येरी सेल्फी
क्वी शेयर करदा
क्वी करदा डाऊनलोड
कन्न कमाल करियु त्येरु सेल्फी
सैरी दुन्या मा बबाल करयु त्येरु सेल्फी
सब्बयु की जिकुड़ी राणी बानायु
मैकू त्वेंन सेल्फी
फेसबुक मा म्येरी सेल्फी
ट्विटर मा म्येरी सेल्फी
लाइन मा म्येरी सेल्फी
वाटसअप मा म्येरी सेल्फी
वी चैट मा म्येरी सेल्फी
कुजणी कख कख
कै कै सोशल साईट मा म्येरी सेल्फी
पर वू कु भगी होलू
जैका जुकड़ा तक पौचली
म्येरी सेल्फी
रचना ................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi
November 13 at 8:12pm · Edited ·

भै चंट
बौ संट रैनी सदानी
तुम गितार भैजी
बौ मा ही गीत बणादा रैनी सदानी
स्या अच्छी बात नि
कबि बौ तुम बने बजरिया
कबि बने लबार
तुम बौ क्या क्या बने
पर गितार दा
तुमन भैजी बने सदानी माफीदार
रचना .....शैलेन्द्र जोशी