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Superstition In Uttarakhand Culture - उत्तराखंड के समाज मे फैले अंधविश्वास

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, July 03, 2008, 03:54:23 PM

खीमसिंह रावत

बिना जनेऊ हुए अगर कोई मर जाता है तो उसे जलाते नही है बल्कि उसे गाड देते है/
अगर कोई व्यक्ति मर जाता है और उसके लडके का जनेऊ नही हुवा है तो उसे मुखागनी नही देने देते है ऐसी परिसिथ्ती में पहले लडके को दुव का जनेऊ देते है/ 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



It was also a supersition that sharing Riddle during day means, man can loose his eye sight.

Din mai een share nahi karte.

May be true or funny.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


एक प्रचलित अन्धविश्वास -

खाना जब पक रहा होता है तो उसे चूल्हे से taste नहीं करना चाहिए, एसा करने पर मिर्गी रोग हो सकता है !

umeshbani

ये सब मान्यताए है जो आप या मैं ने अजमाया और जो सही निकली है उसमे  विश्वास  किया बाकि सब को अंध विश्वास कहा ......    मगर कुछ धार्मिक , और पुरखों से बनाई रिती जिनका हम लोग आँख बंद कर के विश्वास कर लेते है और कुछ बातों में समय के साथ और परिस्थी को देख कर बदलाव करते है .............. शादी के कुछ नियम जिनको हम मानते है और वो परम्परा चलती आ रही है .......... जिनको कभी कभी कोई अर्थ नहीं रह जाता लकिन हम उनको करते है तो ये सब चीजे मान्यताए है न की  अंध विश्वास .......................

Quote from: खीमसिंह रावत on November 21, 2008, 04:35:16 PM
बिना जनेऊ हुए अगर कोई मर जाता है तो उसे जलाते नही है बल्कि उसे गाड देते है/
अगर कोई व्यक्ति मर जाता है और उसके लडके का जनेऊ नही हुवा है तो उसे मुखागनी नही देने देते है ऐसी परिसिथ्ती में पहले लडके को दुव का जनेऊ देते है/ 


Risky Pathak

Agree With You Sir..

There is a slight difference b/w andhvishwas and manyatayein.

Quote from: umeshbani on June 23, 2009, 12:47:49 PM
ये सब मान्यताए है जो आप या मैं ने अजमाया और जो सही निकली है उसमे  विश्वास  किया बाकि सब को अंध विश्वास कहा ......    मगर कुछ धार्मिक , और पुरखों से बनाई रिती जिनका हम लोग आँख बंद कर के विश्वास कर लेते है और कुछ बातों में समय के साथ और परिस्थी को देख कर बदलाव करते है .............. शादी के कुछ नियम जिनको हम मानते है और वो परम्परा चलती आ रही है .......... जिनको कभी कभी कोई अर्थ नहीं रह जाता लकिन हम उनको करते है तो ये सब चीजे मान्यताए है न की  अंध विश्वास .......................

Quote from: खीमसिंह रावत on November 21, 2008, 04:35:16 PM
बिना जनेऊ हुए अगर कोई मर जाता है तो उसे जलाते नही है बल्कि उसे गाड देते है/
अगर कोई व्यक्ति मर जाता है और उसके लडके का जनेऊ नही हुवा है तो उसे मुखागनी नही देने देते है ऐसी परिसिथ्ती में पहले लडके को दुव का जनेऊ देते है/ 


Risky Pathak

फ्यून का बासना

अगर फ्यून बासता(भौकता)  है तो इसका मतलब समझा जाता है की अवश्य ही किसी की मृत्यु होने वाली है| लेकिन अगर फ्यून के बासने को कोई कुत्ता दोहरा लेता है(मतलब कुता भी भोकता है) तो फिर फ्यून बासने का कोई असर नहीं होता|

हेम पन्त

बच्चों का दूध का दांत टूटने पर उसे दूब में "पुराण ले, नय्या दे" (पुराना ले लो, नया दे दो) बोलते हुए दबा दिया जाता है. मान्यता है कि इससे स्वस्थ व सुन्दर नये दांत आयेंगे.

Lalit Mohan Pandey

Waise mai aap logu ki batu se sahmat hu ki jyadatar Aandhvishwas hai, lekin kuch aese hai jinke peeche scentific reasons hai, to kuch aese bhi hai jinko bade bujurgu ne bahut soch samajh ke banaya tha...
Jaise ki :
Scentific reason :
1) Daksin disha mai sote hue sir nahi karna chahiye.... iske peeche reason hai Dharti ke magnetic field or iska bura parbhav hota hai although its not visible.

Soch samajh kar banayi gayi reetiya : MC period mai mahilayu ko general kam se alag rakhne or bahut sare kam se bachane ke liye hi sayad ye suru hua hoga, kyuki wo din mahilau ke liye muskil din hote hai.

Lalit Mohan Pandey

कुछ अंधविश्वास :
Charpayi को उल्टा न रखना, Mooshal को उल्टा न रखना, या फ़िर दरांती, या कुल्हाडी को खाली नही पलाना (धार लगना) चाहिए जब तक की आपका घास काटने या फ़िर लकडी काटने का प्लान ना हो.

Devbhoomi,Uttarakhand

"और जब कभी रात के समय मैं भूनी हुयी बकरी के मांस की खुसबू आती है तो वो,इसका मतलब है की बाघ यहीं कहीं नजदीक है"