• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Kumauni & Garhwali Poems by Various Poet-कुमाऊंनी-गढ़वाली कविताएं

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 05, 2011, 12:00:34 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मंगतू फोन में अपनी आमा थें।
मंगतू- आमा कसि हे रे छे ?
आमा - मैं त ठीक छों नाती । तें कस छे?
मंगतू - मै ले ठीक छु.. और कि चल रि आमा घर पनि?
दादी- नाती आग लागो । यां ले fog चल रयो बज्यून

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

युं दिनु की याद अब
याद ही रै गैन
फर्नीचर यैन बल
खटला हर्ची गेन
न्यार बुटंण भै बंद
सौब भुली गेन
रयां मिस्यां खटला भी बल
पाया समेत बिटै गेन
याद च आज बी
जब गोरुम श्योल लिंजांण
ग्वींण लगांद की मेस बल
गौर बी छ्या हर्चांण
दौंली बंणाण त गल्यों की
सब्युं तै याद होली
रयी पन की नेतंण दीदो
क्या क्वांण पडीं होली
कृषि कार्य स्कुल्यों मा
खुब जुड लिजांण
याद यैग्या दीदों देखी
बंठा कुन डील बंणाण
देश बिदेश की हरचदी कला
हमन संजोई देनी
अपणी हरचदी कला बिरासत
उबर्युं मा लुकै देनी
युं दिनु की याद अब
याद ही........
सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भटट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

थडियां चौंफला हरची गेन
डी.जे यैगेन गांव मा
डोली घोडी पलकी हरची
बरात जांणी कार मा
फड मन कु भात हरची
हलवे यैगेन गांव मा
खडाखडी मिस्यां लोग
प्लैट लेकी हाथ मां
थडिया चौंफला हरची गेन
डी.जे यैगेन गांव मा
पैंय्या कुलें कु गेट नी च
कखी दिखेंणा गांव मा
न्युतेरु की हत्युं मा चौंठी
हरची ग्या अब गांव मा
बांमण की हथ मा दैंणी
स्या बी नी दिख्यांणी च
खिडकी मा दीदी भुल्युं की गाली
स्या बी नी सुंण्याणी च
सीरु मुकुट भी कम दिखेंणा
बरजी आंणा पगड्युं मा
बरती क यैथर पैथर झंडा
स्यु बी हरची ग्यायी हां
थडिया चौंफला हरची गेन
डी.जे यैगेन......
सर्वाधिकार सुरक्षित @ सुदेश भटट(दगडया)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

ज्युणा मा सबाल छिन
मोरणा मा बबाल छिन
आदिम पैदा हवे
क्वी बड़ी बात नीछ
आदिम मोरणु भि क्वी
बड़ी बात नीछ
पर इन्ना इन्ना हाल मा
ज्यु भि आदिम ज्यूंदा च
वू बड़ी बात च
इल्हे ही ज्यूंदो मुंड
ऐंच सवाल छिन
मुरदा मोरी भग्यान छिन।।........शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

म्येरा सुरों मा बसी
सरसुती भगबती
ज्यू भि रयेकी गयेकी
होली गौला मा म्येरा
गीत गै गैकी
करलू माँ सरसुती
त्येरी इस्तुती
कृपा रखी सरसुती
कंठ गौला मा म्येरा
त्येरी किरपान सुणदा
लुग गीत म्येरा
गौला मा बिराजी रै तू
यी जलम आखिर साँस तक
साधना सुरों बिटी करदु रालु
सरसुती माँ भगबती
गंगा सुरों कि जमुना गीतू कि
बगदी रा समोदर दुन्या मा
बसी रै तू बस म्येरा गौला मा
सरसुती भगबती
ज्यू भि रयेकी गयेकी
होली गौला मा म्येरा
गीत गै गैकी
करलू माँ सरसुती
त्येरी इस्तुती
रचना .........शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

जब बीटी खिंची मिल अपणी सेल्फ़ी .... शैलेन्द्र जोशी
#‪#‎कनु‬ कमाल करियु तेरु सेल्फ़ी
सैरी दुन्या मा बबाल करियु तेरु सेल्फ़ी
#‪#‎जब‬ बीटी खिंची मिल अपणी सेल्फ़ी ##
भोर भोरिक आणा छोरो का कमेन्ट
क्वी बूनु बने दे अपणी ब्योली
क्वी बूनु बने दे अपणी गर्लफ्रेंड ##
#‪#‎हर‬ हाथ मुबेल वाल मा
छपगी छपगी मेरी स्वाणी सेल्फ़ी
जब बीटी खिंची मिल अपणी सेल्फ़ी
भोर भोरिक आणा छोरो का कमेन्ट##
#‪#‎सुबेर‬ शाम बस एक रयु मेरु काम
खीचण बस अपणी सेल्फ़ी
जवान बुड्या सभु तै स्वांदी मेरी सेल्फ़ी##
#‪#‎सभु‬ कि दिल राणी बनयु तिन मैकू सेल्फ़ी
कन कमाल करियु तिन सेल्फ़ी
माया कु जाल फैलायु तिन सेल्फ़ी ##
##सभु तै आंखयु मा बसे तिन सेल्फ़ी
मैकू कनु रोग लगे तिन सेल्फ़ी
जिंदगी भरो मुंडारु करियु तिन सेल्फ़ी ##....शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

स्वाणी बांद .................शैलेन्द्र जोशी
कालू औडल बादल से घिरुयु आसमान
तू ऐ अचणचक सर्ग कु मुड बि इन्न बदली
वू बि हवेगे त्वे देख खरांयु
सुख्यु डाला ठंगरा सि
तू ऐ अचणचक डाला फिर ज्वनी ऐ बौडी
वू बि हवेगे त्वे देख झपन्यालू हरु
सुखु गदेरा बारामासी
तू ऐ अचणचक फुट गिनी छोया
बगण लगगिन धार नयार
बांजा पुंगडा कुहाल
तू ऐ अचणचक हिटि मेडो मा
खेतों मा त्वे देख उगगी अणाज
मुख फरक्याँ ओडा भिटोन
तू ऐ अचणचक सब्बी कठठा
हवेनि चौक मा छुयाल
तेरा मयाल्दु सुभोऊ मा
दुन्या तस्बीर बदलिनि
तू ऐ अचणचक बुढया हवेगिन
सब परेसान इत्गा लेट किल्हे बने
स्या बांद या हम तै सदनी कु जवान किल्हे नि बने
ज्यू हम भि हुंदा तै स्वाणी बांद का मायादार .................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

इस कविता द्वारा उत्तराखंड के सभी जिलों की जानकारी बच्चों को दी जा सकती है।
=================
आओ बच्चों देखो झांकी अपने उत्तराखंड की।
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(1)
ये देखो अल्मोड़ा यहाँ कितनी सुंदर हरियाली है
सबको है आकर्षित करती धरती ये मतवाली है।
दूर दूर तक दृश्य विहंगम बदरा काली काली है।
सबसे प्यारी नैना देवी झाँकी यहाँ निराली है।
जागेश्वर मंदिर में बजते घंटे सुबह औ शाम जी।
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(2)
बागेश्वर को देखो यहाँ कितना सुंदर विस्तार है
सुंदरता में इसकी महिमा चारों ओर अपार है
धरती से आकाश चूमते बाँज बुराँस का प्यार है
सचमुच में ये पावन धरती स्वर्ग का अवतार है
मन को ठंडक मिलती है जब लेते इसका नाम जी,
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(3)
चमोली को शोभित करता बद्रीनाथ का धाम है।
गोपेश्वर भी है यहाँ पर हेमकुंड भी साथ है
औली में है बर्फ चमकती सुबह दिन और रात है
फूलों की घाटी का सुंदरता में अदभुत् हाथ है
तपकुंड, विष्णु प्रयाग, पंच प्रयाग है जान जी,
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(4)
चंपावत में बालेश्वर मंदिर ये बड़ा ही प्यारा है
मीठा रीठा साहब यहाँ पर सिखों का गुरुद्वारा है
पंचेश्वर और देवीधुरा ने इस धरती को तारा है
नागनाथ के मंदिर का भी यहाँ पे बड़ा सहारा है
वन्य जीवों से भरे हुए हैं यहाँ के हरे मैदान जी,
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तरा खंड, जय हो उत्तराखंड।
(5)
देखो देहरादून यहाँ की ये ही तो रजधानी है
अंग्रेजों की सत्ता की यहाँ पे कई निशानी हैं
घंटा घर आकाश चूमता आई.एम.ए. पहचानी है
लीची के हैं बाग यहाँ पर और मसूरी रानी है
शिक्षा में भी देहरादून रखता है प्रथम स्थान जी,
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(6)
कितना पावन और निराला अपना ये हरिद्वार है
देवलोक से आती सीधी गंगा माँ की धार है
वेदों और पुराणों में भी गाथा बारंबार है
जीवन और मरण का देखो यही आखिरी सार है
इस पावन धरती पर देवों ने भी किया बखान जी,
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(7)
अदभुत् सुंदर कितना प्यारा अपना नैनीताल है
चारों ओर यहाँ पर फैला झीलों का जंजाल है
चाइना पीक यहाँ पर चोटी बहुत ही बेमिसाल है
इस धरती को गर्वित करते तल्ली मल्ली ताल है
मृदुभाषी हैं लोग यहाँ के हँसके करें सलाम जी,
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(8)
पौड़ी जिले की उत्तराखंड में एक अलग पहचान है
नागर्जा का मंदिर इसमें ज्वालपा माँ की शान है
बिंसर महादेव यहाँ है, ताराकुंड भी जान है
सचमुच इसमें रचता बसता उत्तराखंड का प्राण है
लोकगीत संगीत में पौड़ी का है ऊँचा नाम जी,
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(9)
सीमा की है रक्षा करता पिथौरागढ़ महान है
उल्का देवी मंदिर की भी एक नई पहचान है
राय गुफा भी अदभुत् इसमें, भटकोट स्थान है
हनुमान गढ़ी में जुटती रोज़ भीड़ तमाम है
कई बार बचाई इसने हम लोगों की आन जी,
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(10)
अलकनंदा, मंदाकिनी का संगम रुद्र प्रयाग है
कहीं पे शीतल धारा है, कहीं उफनती आग है
अगस्तमुनि बसुकेदार है, केदारनाथ का राग है
गुप्तकाशी कालीमठ है, मद्महेश्वर, तुंगनाथ है।
यहाँ थकावट को मिलता है अदभुत् एक विराम जी,
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(11)
देखो जिला ये टिहरी का श्रीदेव सुमन से वीर पले
कितने उन पर राजा के बर्छी भाले तीर चले
भूखे रहे 84 दिन तक पर ना उनके नीर चले
1944 में दुनिया से बन कर वे पीर चले
मर कर वो इतिहास बन गए गाथा पूरे ग्राम की
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(12)
उधम सिंह नगर की देखो कितनी सुंदर शाम है
चैती मंदिर, गिरी सरोवर, नानक माता धाम है
इतिहास के पन्नों में भी इसका इसका जिक्रे आम है
जनरल डायर की हत्या में उधम सिंह का नाम है
उत्तम सादा रहन सहन है सादा खान पान जी
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
(13)
देखो ये उत्तरकाशी कितना सुंदर और उजियारा है
गोमुख नाम से गंगा जी का जल स्रोत ये प्यारा है
चारों ओर हिमालय फैला बड़ा ही भव्य नज़ारा है
ऐसा लगता है इसको देवों ने यहाँ उतारा है
अपना पावन उत्तराखंड रहे हर पल यूँ ही जवान जी
इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी।
जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड।
==================
इस कविता द्वारा उत्तराखंड के सभी जिलों की जानकारी बच्चों को दी जा सकती है।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Kirti Vallabh Shakta
January 20 at 3:48pm
ईजा बाबा कूँछ्या याँ सदा पहाड़ा लोग।
आ्ब क्वै लै नै कून हो मीठा इन द्वी बोल।।
मीठा इन द्वी बोल आज याँ यस क्या भौ हो।
मम्मी पापा खूब सबौ ले अपनै ली हो।
येसो करौ उपाय अहो याँ फिरि यो फलिजा।
घर घर गूँजौ बोल अरे यो बाबू ईजा।।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Kirti Vallabh Shakta
January 10 at 9:40pm
आज पहड़ै क्या गती है गै हो महराज।
महा शराबी याँ भया घर गूँ छन बेसाज।।
घर गूँ छन बेसाज ह्वै लुटनै याँ यु शराब।।
कैं लैं चैली खूब छन लौड मौड बरबाद।।
दिन में छन मजदूर राता क् बढ्या मिजाज।
स्यान्यौ सबै रुछींन खोरि में हाणनी आज।।