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Delicious Recepies Of Uttarakhand - उत्तराखंड के पकवान

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 15, 2007, 09:54:18 AM

Bhishma Kukreti

माल पुआ रेसिपी
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गढ़वाली पारम्परिक भोजन रेसिपी
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सरोज शर्मा सहारनपुर बटिक
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सामग्री
एक छवटि कटवर मैदा
द्वी पाउच दूध पौडर
चार बढ चम्मच दूध
बेकिंग पौडर चौथाई चम्मच
मलाई द्वी चम्मच भोरिक
पाणि आवश्यकतानुसार ( घोल पतल करण कु)
चासणि खुण चिन्नी एक कटवर
इलायची पौडर चुटकी भर
केसर का धागा पांच सात
या खाण वल रंग जरा सि
एक बाउल म मैदा ,दूध, दूधक पौडर, मलाई, बेकिंग पौडर सभयू क घोल बणाव, अच्छे से मिलाव, खूब फेंट ल्याव, जरा पाणि डालिक पूड़ा जन घोल बणाव अलग धैर दयाव ,एक बर्तन म चिन्नी की चाशनी बणा ल्याव रसगुललो जनी
केसर भी डालिक या खाण क पीलू रंग मिलाव
उतार ल्याव
अब एक पैन म घी डालिक मैदा क घोल का छवट ,छवट पूड़ा उतार ल्याव, यूं थैं चाशनी म डुबैक अलग प्लेट म धैरिक ऊपर से बदाम पिस्ता से सजाव।


Bhishma Kukreti

कुंदरू की सब्जी , बगैर लासण प्याज

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गढ़वाली शैली भोजन रेसिपी
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सरोज शर्मा सहारनपुर बटिक
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छवट छवट कुंदरू 250 ग्राम
तेल 2 चम्मच
जीरू 1/2 चम्मच
जखया 1/2 चम्मच
हींग 1/4 चम्मच
हल्दी 1/2 चम्मच
धणया 1/2 चम्मच
लाल मर्च स्वादानुसार
लूण स्वादानुसार
सगोर
कुंदरू ध्वै क लम्बाई म चीर दयाव
अब एक पैन म तेल गरम कैरिक जीरा जखया तड़काव हींग भि डाल दयाव, कुंदरू डाल दयाव
सबया मसला डालिक चलाव, लूण डालिक सब्जी थै अच्छे से भूनिक धीमि आंच पर ठकिक पकाव ,थोड़ा-बहुत जरूरत क हिसाब से पाणि डाल सकदौ, 10 मिनट बाद उतार ल्याव ह्वै गै तैयार धणया से सजाव और खिलावा।


Bhishma Kukreti

तवा भुजी, तवा भाजी
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गढवाली पारम्परिक भोजन
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उषा बिज्लवाण - देहरादून।
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मन्खी- ३।
समै- १/२ घण्टा।
सामग्री- भटा१ ,शिमला मर्च १,आलू १,भेंडी ६,गाजर१,पिंडालू१, टमाटर २ बड़ा पस्यां, प्याज २ पिस्यां, हरी मर्च२ बरीक कटीं, चाट मसालू १ चम्मच, धणिया पौडर १ चम्मच, लोण स्वादानुसार, जीरा पौडर १/२ चम्मच ,लसण आदा कु पेस्ट १ चम्मच, तेल तलनक ,मक्खन १ चम्मच , कश्मीरी लाल मर्च १ चम्मच, कसूरी मेथी १/२ चम्मच
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रेसिपी
पकोणा की रसाण- सबी भुजियों तैं अपणा पसंद का अनुसार कै भी आकार म काट ल्या गैस मा कढै रखीक तल ल्या सुनहरा होण पर निकाल द्या तेल छोड़ीक और बचीं सामग्री कु पेस्ट बणै द्या अब तवा पर थोड़ा तेल अर मक्खन डाल द्या अब जीरुअर हींग डाल द्या अब पेस्ट डाल द्या जब तेल छोडण लगलू तब मसाला डाल द्या खूब भूना अब आवश्यकता अनुसार पसंद की भुजी परोसा


Bhishma Kukreti

घरडु एक पहाड़ी ब्यजंन
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गढवाली पारम्परिक भोजन रेसिपी
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किसन सिंह
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घरूड़ का बान मिन पैली हिन्दी म ल्याखु छाई, पर गढ़वाली हिन्दी व अंग्रेजी का मूर्धन्य विद्वान आदरणीय भीष्म कुकरेती जी की प्रेरणा से गढ़वाली म लय्खण कू प्रयास कनु छौं।
आमतौर फर देश म जो भी अनाज दाल हुंदिन उंथै पुंगडा़ म पकण दिंदीं कर तब खंदी , पर हमर पहाड़ मा एक खास बात च कि हमारी जतगा भी फसल हुंदिन उंथै,कच्चु या अधपक्कु खाणा कु बी रिवाज च।
जन अधपका सट्टी का च्वीडा़ , कौणी का कौन्याल, ग्यूं की उमी, कांचा भट्टु की फोली उज्यया खै, क्वादा का बलडा़ भुन खै, अर मसु का फ्वाला अर कुरू या मसूर का बीज कच्ची खंदिंन।
घरूडु हमारू बचपन म खंयू छाई पर भौत साल भट्टे न नाम सुणु न चाखु ।अचाणक एक वाट्सऐप ग्रुप म कैल घरूड़ु का नौ ल्याख त मिथै भी याद ऐगे मिल तुरतं अपडी़ मां खुण फोन लगै अर घरूड़ बणाणा कु बान पूछ, मां ल जो बथै वै थै आप लोगु खुणै लयख्णा कु प्रयास कनु छौ, सैद लय्खण से यो खाणु बच जौं।
समान क्या क्या चऐणु च:
१. अधपकु झुंगरू साबुत एक नाली
२. १ सेर साबुत भट्ट (काला भट्ट लिसलिसा हुंदिन, यालै ज्यादा बढिया रंदिन)
३. १ सेर ग्यूं।
४. स्वाद का हिसाब से गुड़ या चिनी।
बणाणा की बिधि:
१. झुंगरा थै कि भदलाउंद या पत्यलाउंद भून द्यावा , भुनण म ध्यान रखण कि झुंगंरा का म्यालों फरे फगल तींड जैं अर झुंगरल्यू से अलग हुंण बैठ जै तब थै भुनण।
२. जब झुगंरू ऐडू़ ह्वै जा तब वै थै उर्ख्यल खुमी द्याव या इमादस्ता म खबसा द्या।
३.अब साफ खै छीट खै , जंदरा म या मिक्सी म बारीक खै पीस द्याव।
४. भट्ट अर ग्यूं बी खुब कै भूनी खै अलग अलग बारीक कै पीस द्याव। भुनणा छिन जलाणा नि छिन।
५.तिन्या पिस्या पिस्यूं थै एक दगड खूब खै रलै द्यावा।
६. रल्यां पिस्युं थै अब भंड्या दिनू थै इस्तेमाल करें सकद।
७. जब भी घरुडु खाणा कु ज्यू ब्वालु, गुड़ या चिनी कू घोल बणै कि वैमा पिस्युं मिलै कि डिंडा बणैंकि खावा , कतगै जगु यां थे सत्तू क जन छोलि कि बी पींदिन।
घरूडु ताकतवर हुणा के दगड दगड़ पेट खुण बी भौत भलु हुंद।
उम्मीद च आपथे बलु लगु ह्वालु , मिथै उम्मीद च आप लोग भी जब मौका मिललु घरूडु बणैल्या अर खैल्या।
किशन सिंह।


Bhishma Kukreti


उसल –मिसल पकाणो रेसिपी
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रेसिपी कार – गिरीश ढौंडियाल
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तीन- चार लोखु खुण।
आवश्यक सामग्री-
मठ, थोड़ा सा मूंग, बारीक कटयूं प्याज, हारु धनिया, द्वी बारीक कटिं हैरी मर्चा, टमाटर एक नींबू, थोड़ा लाल पीसीं मार्चस कु पाउडर, जीरा, नमक, धनिया पाउडर, गरम मसाला पाउडर।
तेल या घी (जैकी जनी श्रद्धा हो)
मक्खन
10 -12 नरम नरम पाव अर पाव भर फरसाण।
कढ़ाई, गैस, माचिस, कड़छी, चम्मच।
पाणी।
बणाना की विधि -
मठ अर मूंग थैं रात भर भिजा के रखण।
सुबेर पाणी निथार कै कुकर मां चढ़ा दीण। 4-5 सीटी का बाद कुकर ठंडा करना खयूं धैर दीण। कुकर ठंडा हूणा तक बाकी तयारी कर दीण जन प्याज, धनिया, टमाटर, हैरी मर्चा बारीक काट लीणी।
अब कढ़ाई गर्म कैरक तेल/घी डाल दीण। गरम हूणा पर जीरा दलण। जीरा तड़कण पर कटयूं प्याज अर हैरी मर्चा डालिक हलकू भुजणु च। तब टमाटर डालिक अछू पेस्ट बणा दीण। मत्थी बटें एक चम्मच गरम मसाला डाल दीण।
ये सुंदर पेस्ट मां उजायीं मठ मूंग डाल दीण। खूब पाणी डालिक 45 मिनट थड़का दीण। पाणी थोड़ा ज्यादा हूण चैन्द। एक निम्बू निचोड़ दीण बस मिसल तयार च।
खाणां की विधि -
परोसिदी टाइम पर मत्थी बटे फरसाण कटयूं प्याज कटीं हैरी मर्चा, हारु धनिया बुबरा दीण। जरूरत च तो निम्बू निचोड़ दीण।
मिसल कु रसा खूब हूण चैन्द अर गहरी प्लेट मा सर्व हूण चैन्द किलैकि रसा मां ही पाव भिजा कर खणी। मिसल तो चम्मच से खाण।
नरम पाव पर मक्खन लगा कर गरम चाय दगड खाओ।
चाय की रेसिपी नि भेजी किलैकि चाय कॉमन च।


Bhishma Kukreti



प्राथमिक चिकित्सा
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चरक संहितौ सर्व प्रथम  गढ़वळि  अनुवाद   
खंड - १  सूत्रस्थानम , पंदरवां  अध्याय  (उपकल्पनीय  अध्याय )   पद   ८ बिटेन  -१०  तक
  अनुवाद भाग -  ११९
गढ़वाळिम  सर्वाधिक पढ़े  जण  वळ एकमात्र लिख्वार-आचार्य  भीष्म कुकरेती
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      !!!  म्यार गुरु  श्री व बडाश्री  स्व बलदेव प्रसाद कुकरेती तैं  समर्पित !!!
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साधन द्रव्य कट्ठा  करणो उपरान्त व्यक्ति तै मथ्याक विधि द्वारा स्वेदन व स्नेहन कराण  चयेंद।  स्नेहन या स्वेदन क्रिया मध्य यदि व्यक्ति तै अचाण चक तीब्र बेदना ,  या मानसिक व्याधि ह्वे जावो तो क्रिया तुरंत बंद कर दीण  चयेंद  अर  पैल  व्याधि प्रतिकार  करण  चयेंद। ये  व्याधि  प्रतिकारम जथगा  बि  दिन लगन तथगा दिन रोगी तैं  आराम करण  चयेंद। ८।
फिर व्यक्ति तैं  स्वेदन व स्नेहन करायिक  बिठायिक, पैल  दिनक  हूण पर , सम्पूर्ण अंगों स्नान करायिक ,सरैल पर चंदन आदि लेप लगाइक,माळा पैरैक ,साफ़ व   उत्तम वस्त्र  पैरैक , दिवता , ब्राह्मण , गुरु वृद्ध व वैद्य की पूजा कराइक , पुण्य  नक्षत्र , तिथि म बामणों से मंगल पाठ करैक ,आशीर्वाद  मंत्रों से अभिंत्रित शहद , मुलैठी , गुड़ , सेंधवा लूण  से युक्त   क्वाथ   उचित मात्रा म पिलाण  चयेंद। ९।
मदनफल क क्वाथ की मात्रा सम्पूर्ण खोज व   पुरुष तै देखि निश्चित करे जांद ।  जथगा  मात्रा से शरीर क विकार भैर ऐ जावन अर अतियोग आदि रोग उतपन्न नि कार उथगा इ क्वाथ मात्रा वैद्य तै दीण  चयेंद। १०।

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*संवैधानिक चेतावनी : चरक संहिता पौढ़ी  थैला छाप वैद्य नि बणिन , अधिकृत वैद्य कु परामर्श अवश्य
संदर्भ: कविराज अत्रिदेवजी गुप्त , भार्गव पुस्तकालय बनारस ,पृष्ठ  १८९   बिटेन  १९०   तक
सर्वाधिकार@ भीष्म कुकरेती (जसपुर गढ़वाल ) 2021
शेष अग्वाड़ी  फाड़ीम

चरक संहिता कु  एकमात्र  विश्वसनीय गढ़वाली अनुवाद; चरक संहिता कु सर्वपर्थम गढ़वाली अनुवाद; ढांगू वळक चरक सहिता  क गढवाली अनुवाद , चरक संहिता म   रोग निदान , आयुर्वेदम   रोग निदान  , चरक संहिता क्वाथ निर्माण गढवाली  , चरक संहिता का प्रमाणिक गढ़वाली अनुवाद


Bhishma Kukreti

अरबी कि सब्जी
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सरोज शर्मा सहारनपुर बटिक
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सामग्री

250 ग्राम अरबी ध्वै कि छीलिक
लम्बाई म चीरिक
अजवैण 1/2 चम्मच
हींग 1/4 चम्मच
हल्दी 1/3 चम्मच
धणिया पौडर 1/2 चम्मच
लाल मर्च पौडर 1/2 चम्मच
देगी मर्च 1/4 चम्मच
गर्म मसला 1/4 चम्मच
लूण स्वादानुसार
तेल तलण खुण
सगोर
कटीं अरबी तेल म तल ल्याव
अलग धैर दयाव
कड़ै कु तेल 2 चम्मच छोड़िक अलग निकाल ल्याव
अब कढ़ै म अजवैण, हींग डालिक तड़काव
ये म तली अरबी डालिक सबया मसला डालिक भून ल्याव, लूण स्वादानुसार डालिक करारू हुण तक भून ल्याव, ऊपर से निंबू निचोड़िक मिलाव
हवै गै तैयार दुफरा का खाण मा परोसा।


Bhishma Kukreti

बूंदी रायता  रेसिपी
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गिरीश  ढौंडियाल
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लोग - 4-5 लोग।
समय-15 मिनट।
आवश्यक सामग्री - 100 ग्राम बूंदी(मसाला/सादी जनी जैकी श्रद्धा व्हाली) पाव किलो दही, कालू नमक, भुज्यूं जीरा पाउडर, पिसीं लाल मर्चा एक हैरी बारीक कटी मर्चा, हारु धनिया, पाणी।
एक बड़ू कांच/स्टील कु कटोरा, एक बड़ू स्टील कु चम्मच।
विधि- पाणी मां बूंदी करीब अद्धा घन्टा भिजा दिणी।
जब तक बूंदी भिजणी छीं तब तक एक या अद्धा हैरी मर्चा अर हारु धनिया बारीक काट दीण।
स्टील/कांच का बड़ा कटोरा मां दही डाल दीण, भिजिं बूंदी पाणि मां बटे निकालीक दही मां डलणी, कालू नमक स्वादानुसार डलण, थोड़ा पीसिं लाल मर्चा कु पाउडर ये सब डालिक अच्छी तरह मिला दीण। आवश्यकतानुसार पाणी डाल दीण।
ये सब का बाद जब बूंदी अर दही करीब पांच मिनट मां ठीक से बैठ जालु तब ये का ऊपर सजावट खुण भुजयां जीरा पाउडर से कुई भी अच्छी डिजाइन बणा दीण। थोड़ा कटयूं हारु धनिया बुबरा दीण।
ठंडा कना खुण फ्रिज मा धैर दीण।
ल्याव बूंदी रायता खाणां का वास्ता तैयार च।



Bhishma Kukreti

इमली खजूर की चटणि
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चटणि यात्रा-33
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सरोज शर्मा (चटणि शोधार्थी )
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सामग्री
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बिना बीज वाली इमली 50 ग्राम
खजूर गुठली निकालिक 50 ग्राम
गुड़ 50 ग्राम
पाणि 2 कप
सौफ पौडर 1/2 चम्मच
1/2 चम्मच धणिया पौडर
1/2 चम्मच जीरा पौडर
1/2 चम्मच सौंठ
1 चम्मच लाल मर्च पौडर
लूण स्वादानुसार
गैस म पैन धैरिक इमली खजूर गुड़ डालिक वै म द्वी कप पाणि डाल दयाव
10 मिनट अचछे से पकाव चलांद राव,
अब वै म सौफ, धणया ,जीरा, अदरक पौडर ,मर्च पौडर लूण डालिक 5 मिनट धीमि आंच पर पकाव, गैस बंद कैर दयाव ठंड हुण दयाव अब मिक्सर म पीस ल्याव छलणि से छाणिक निकालिक शीशा क मर्तबान म धैर दयाव जरूरत क हिसाब से इस्तेमाल कारो ।


Bhishma Kukreti

बूंदी रायता रेसिपी
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बूंदी दी कु रैतू
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अनिता ढौंडियाल कोटद्वार
चार माबतूं
सामान
बूंदी एक छ्वटि कट्वरी
दै एक पाव
जीरू भुज्यूं एक छ्वटु चम्मच
आदा चम्मच लाल मर्च
आदा चम्मच साबुत जीरू
चुटकी भर हल्दी पाउडर
आदा चम्मच कालू लोण
आदा चम्मच सफेद लोण
आदा चम्मच चिन्नी
आदा चम्मच घी
एक हैरी मर्च बरीक कटीं
एक छ्वटु चम्मच पुदिनौं चूरा
बणाणू सगोर
सबसे पैली एक बड़ा कटोरा मा दही डालिकि अच्छी तरह मिलावा फिर बूंदी डालिकि अच्छी तरह मिलैकि पन्द्रह मिनट तक ढक द्या
फिर सब्या सामान डालिकि अच्छी तरह मिलावा
अगर गांड़ू लगु त अन्दाजन दूध मिलै सकदां
परोसण दा जीरा कु छौंक लगावा
ल्या ह्वेगी तैयार चलमुलु बूंदी कु रैतू