Darshan Singh
August 6 · Edited ·
जब भि गौं की याद मी आंद,
छ्वटु बच्चा सी बणि जांदु मी।
रड़गुसि खेलिकि, माट मा लप्वडेकी,
जिंगला मा झुंटा लगांदु मी।।
जब भि गौं की याद मी आंद.....
वोबरी तैलख्वाळ वोबरी मैलख्वाळ,
सरपट सरपट दौडि जांदु मी।
बमणौं ख्वाळ बिटि बिचल ख्वाळ तकि,
खोळि तिबर्यूं मा लुकि जांदु मी।।
जब भि गौं की याद मी आंद.....
इस्कोल की छुटि ह्वैगे अब,
दौडि दौडि चलि जांदु मी।
पाटि ब्वलख्या छाल धैरिक,
ढंड्यों मा घपळम जांदु मी।।
जब भि गौं की याद मी आंद.....
माँजी मैल्या सारि जयींचा,
भुला मैल्या खंड सीणूंचा।
माँजी कु अधरा कु जाण से पैली,
पाणी कसेरा लि आंदु मी।
जब भि गौं की याद मी आंद.....
छुटि प्वडीगैं इस्कोल की,
डाळ्यूं डाळ्यूं चलि जांदु मी।
बेडु तिमला खाण से पैलि,
भौंटों मा फिंग्वा लगांदु मी।।
जब भि गौं की याद मी आंद.....
जेठ कि रात्यूं मा भि यख,
ठंडु बथौं जब सरकद।
खटुली भ्यार लगैकी अपणी,
थाड मा लमसट पोडि जांदु।।
जब भि गौं की याद मी आंद.....
ग्वर गैणू बै भान बियण्या,
खाट खटूला अर तियड्या।
जूनि का चौछडि देखि देखिक,
सब्या गैणों थै गैणुदु मी।।
जब भि गौं की याद मी आंद.....
रात्यूं का स्वीणों मा उडि जांदु,
ढयूं ढयूं चलि जांदु मी।
असमान थै हाथ लगैक,
टप एक गैणू टीपि दिंदु मी।।
सर्वाधिक सुरक्षित @दर्शनसिंह रावत "पडखंडाई "
दिनांक :-06/08/2015