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उत्तराखंड पर कवितायें : POEMS ON UTTARAKHAND ~!!!

Started by Dinesh Bijalwan, August 05, 2008, 02:18:42 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


डैम की यीं बिशाल झील तै मै जब भी देखदु ,पुराणी टिहरी की तश्बीर अनायास ही आंख्यों मां ऐ जांदी ,जै शहर न यख जल समाधि लीनी छ ,और मन मा अनायास ही कुछ लिखणौ कु दिल करी ,अपरी भावनौ कै कबिता रूप मा लिखण कु मेरू प्रयाश ,,,,
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       -----बिरासत की समाधि------
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डाम की झील मा डूबीं छ बिरासत सारी  ,
वा पुराणी टिहरी जु थै हम सब कु प्यारी ,
             सदियों पुराणी सभ्यता पाणी मां डूबी गैई ,
             बस पाणी की झील का सिवा कुछ नि रैई ,
पुराणु दरवार ,नयुं दरबार जु पाणी समैन ,
घंटा घर ,चणा खेत अब कुछ  भी नि रैन ,
              बोलांदु बद्रीनाथ मंदिर भी जलमग्न व्हेगी ,
              पुराणी टिहरी कु निशाण कुछ भी नि रैगी ,
पुराणी टिहरी बजार की रौनक भी डूबि गैई ,
कुड़ी खंड्वार जख ,कखि देखणु कु नि रैई ,
                गौऊ का गौऊ मीटिग्या जौंकु कुछ नी बची ,
                हे निर्दयी बिधाता त्वेन या कनि लीला रची ,
बिकाश की बलिबेदी पर टिहरी कुर्बान व्हेगी,
बस पुराणी यादु का सिवा अब कुछ नि रैगी ,
                कभी आँख मूंजी हम जब ईं झील तैं हेरदा ,
                पाणी मां डूबीं पुराणी टिहरी मन मां देखदा ,
बस वा पुराणी टिहरी लोगु का सपन्यों रैगी ,
बिरासत हमारी या ,अब पाणी जुक्ता व्हेगी ,
                जुग जुग तक ,जब तक झील कू पाणी रालु ,
                पुराणी टिहरी कु ,उ इतिहास सदा याद आलु ,
बिकाश का वास्ता बलिदान सदा याद रालु ,
जब जब भी  पुराणी टिहरी  कु जिक्र आलू ,
                   डाम की झील मा डूबीं छ बिरासत सारी  ,
                  वा पुराणी टिहरी जु थै हम सब कु प्यारी ,
                 --------------------------------------------------
            द्वारा रचित >भगवान सिंह जयाड़ा
            दिनांक >०३/०५/२०१४
            सर्ब अधिकार सुरक्षित @
            http://pahadidagadyaa.blogspot.ae/

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


     -----युवा की पुकार----
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सुनो देश के हर युवा की पुकार ,
युवा चाहता है एक ऐसी सरकार ,
          पढ़ लिख कर न रहे कोई बेकार ,
          मिटाए इस देश से जो भर्ष्टाचार ,
गरीब को न पड़े मंहगाई की मार ,
देश के हर युवा को मिले रोजगार ,
           देश की तरक्की हो ,बढे कारोबार ,
           खुशहाली की जो लाये ऐसी बहार ,
सुनो देश के हर युवा की पुकार ,
युवा चाहता है एक ऐसी सरकार ,
           जात धर्म के झगड़े सब है बेकार ,
            आपस में सब में जो बढाए प्यार ,
छोटी छोटी बातों पर न हो तकरार ,
सब को मिले जीने का सही आधार ,
            सुनो देश के हर युवा की पुकार ,
             युवा चाहता है एक ऐसी सरकार ,
काम काज कैसे चला रही सरकार ,
सब को हो यह पूछने का अधिकार ,
             उन की आशावों का न हो त्रिस्कार ,
             तभी समझो अपना सच्चा जनाधार ,
सुनो देश के हर युवा की पुकार ,
युवा चाहता है एक ऐसी सरकार ,
            किसान की मेहनत न जाए बेकार ,
            कभी न पड़ने दें उन पर सूखे की मार ,
कृषि का कुछ ऐसा ढांचा हो तैयार ,
जिस से बढे फसलों  की पैदावार ,
              सुनो देश के हर युवा की पुकार ,
              युवा चाहता है एक ऐसी सरकार ,
माँ बहिनों का सपना हो साकार,
न झेलें कभी किसी दरिन्दे की मार ,
             बने कुछ सुरक्षा का पक्का आधार  ,
             वही कहलायेगी तब सच्ची सरकार ,
सुनो देश के हर युवा की पुकार ,
युवा चाहता है एक ऐसी सरकार,
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द्वारा रचित -भगवान सिंह जयाड़ा
दिनांक -०४/०३/२०१४
सर्ब अधिकार सुरक्षित @
http://pahadidagadyaa.blogspot.ae

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Khyali Ram Joshi


कमै हौनि जिन्दगी में हमार आत्माक दगड़ी
हर एक कें तो मनैकि पीड़ लै बताई नि जानि
कई बार तो आपणों लिजी यां हारण लै पेड़ों
जितणक शौक धरिबे रिश्त निभाई नि जान

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Prakash Chander Tiwari
कमै हौनि जिन्दगी में हमार आत्माक दगड़ी
हर एक कें तो मनैकि पीड़ लै बताई नि जानि
कई बार तो आपणों लिजी यां हारण लै पेड़ों
जितणक शौक धरिबे रिश्त निभाई नि जान

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Khyali Ram Joshi
December 9 at 7:30am

ख़ुशी तो एक झपुक दिखै बेर न्हैजैं
गम कें सौगात मानि बेर धरण पड़ों
कौन सा क्वे यां साथ दिणी मिलौ
दूसरोंक ख़ुशी लिजी लै हिटण पड़ों

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Khyali Ram Joshi
December 13 at 5:32pm

तुम भगवान है लै पैली छा म्यार लिजी
मि कशिक यदुग दूरी तुमरि सहि ल्हों
कभ्भें ना मिकें यसिक भुलिया दोस्तों
कि तुमुकें याद करन करनै मि मरि जों

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Uttarakhand -पतरौल

हिमाचल का राजा करदा
कन्या कु दान त्रिजुगीनारायण
पारवती संग फेरा फेरदा
शंकर भगवान
त्रिजुगीनारायण
जय हो

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

ॐ खोली को गणेश जाग...
.
मोरी को नारायण जाग पंचनाम देव जाग...
.
श्री बद्रीनाथ माँ जाग श्री केदारनाथ मा जाग...
,
हियूंध कि हिंवाली संध्या जाग...
.
चौमास मा बारख्याली संध्या जाग...
.
रुढ़ियों मा रूढ़याली संध्या जाग...
.
चंदरबदनी कुंजा पूरी धरी देवी मैठाणा माँ माई मा जाग...
सुभ संध्या का पर्व जाग...
.
जय हो नन्दा देवी तेरी जय बोला...
गढ़ कुमौन की माता तेरी जय बोला...

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Khyali Ram Joshi
December 11 at 10:25am

घरैकि इज कें तो सताओ रुआवो
और मंदिरै इज कें चुन्नी चड़ावो
के खुशि हैलि मंदिरै इज तुमुहैंबै
जैबेर पैली घरैकि इज कें हँसाओ

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Khyali Ram Joshi
December 10 at 7:03am

दोस्ती कैदगैड़ी निभाओ तो येसि निभाओ
वीक मनाक सब गम तुम खुद चुरै लियो
यसि छाप छोड़ि दियो तुम आपण दोस्तीक
भगवान कौवो मीकेँ आपण दोस्त बनै लिओ